गिरधारी लाल साहू की अपमानजनक टिप्पणी को लेकर भाकपा ने किया प्रधानमंत्री का पुतला दहन सहरसा . भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा सोमवार को भारतीय जनता पार्टी सरकार के मंत्री पति गिरधारी लाल साहू के बिहार की बेटियों पर अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ वीर कुंवर सिंह चौक के निकट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया. मौके पर भाकपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओमप्रकाश नारायण ने उत्तराखंड की बीजेपी सरकार में मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा दिये गये वक्तव्य की तीखी भर्त्सना की. जिसमें उन्होंने सभी मर्यादाओं की धज्जियां उड़ाते हुए कह डाला कि बिहारी लड़कियां मात्र बीस से पच्चीस हजार रुपये में शादी के लिए कहीं भी उपलब्ध है. यह ना सिर्फ बिहार का अपमान है. बल्कि महिलाओं की गरिमा व भारतीय संस्कृति पर कुठाराघात है. भाकपा नेता ने कहा कि ताज्जुब की बात तो यह है कि भाजपा मंत्री पति की इस घिनौनी टिप्पणी के प्रतिरोध में जारी देशव्यापी प्रदर्शनों के बावजूद अनर्गल बयानबाजी करने वाले पर ना ही उनकी मंत्री पत्नी ने अपनी कोई आपत्ति जताई है. ना ही दोषी के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी एवं हरकतें भाजपा नेताओं की ओर से होती रहती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित उसके शीर्ष नेतागण चुप्पी साधकर उसे बढ़ावा देते रहते हैं. इससे साफ जाहिर होता है कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, नारीशक्ति अभिनंदन, मातृशक्ति वंदन की घोषणाएं महज छलावा है. नारी सशक्तिकरण के वादे तुष्टिकरण व वोट बैंक की राजनीति के हथकंडे हैं. कुल मिलाकर भाजपा के खाने के दांत और एवं दिखाने के दांत और हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा मुक्त भारत के लिए संघर्ष समय की मांग है. तभी नारी मुक्ति सहित सामाजिक न्याय की स्थापना भारत भूमि पर हो सकती है. पुतला दहन कार्यक्रम का नेतृत्व भाकपा जिला सचिव परमानंद ठाकुर ने किया. कार्यक्रम में भवेश यादव, अजीत सिंह, प्रभु लाल दास, मो जाकिर, शंकर कुमार, संतोष कुमार, धर्मेंद्र कुमार, राधेश्याम मंडल, हीरा देवी, अमित मंडल, मंतोष मंडल, कार्तिक कुमार, मुकेश पासवान सहित अन्य मौजूद थे.
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