सहरसा में मां चंडिका के चरणों में झुकते ही मिलता है अद्भुत सुकून, विराटपुर सिद्धपीठ में उमड़ी श्रद्धा

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 09 Jun 2026 8:46 AM

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सहरसा - माता चंडिका मंदिर विराटपुर

Aaj Ka Darshan: कोसी क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र विराटपुर स्थित मां चंडिका स्थान सदियों से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है. सोनवर्षा प्रखंड में स्थित यह प्राचीन सिद्धपीठ न सिर्फ शक्ति साधना के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां आने वाले भक्तों का विश्वास है कि मां चंडिका के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता. सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद यहां पूरी होती है.

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Aaj Ka Darshan: सोनवर्षा प्रखंड के विराटपुर स्थित मां चंडिका स्थान में मंगलवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. कोसी क्षेत्र के प्रसिद्ध इस सिद्धपीठ में दूर-दूर से पहुंचे भक्त मां चंडिका के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना कर रहे हैं. मंदिर परिसर में गूंजते मंत्रोच्चार, घंटियों की ध्वनि और भक्तिमय माहौल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव करा रहे हैं.

आस्था और शक्ति का अद्भुत संगम

मां चंडिका स्थान को कोसी क्षेत्र का प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से मां के दरबार में आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यही वजह है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

आरती में शामिल होने उमड़े श्रद्धालु

सुबह की आरती के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर मां चंडिका के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की. कई भक्तों ने परिवार की खुशहाली और जीवन में सफलता की कामना करते हुए विशेष पूजा भी कराई.

वर्षों पुरानी परंपरा का केंद्र

विराटपुर स्थित मां चंडिका स्थान अपनी प्राचीन धार्मिक परंपरा और शक्ति साधना के लिए प्रसिद्ध है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह स्थल लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है. यहां का शांत वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा भक्तों को विशेष रूप से आकर्षित करती है.

मां के दरबार से नहीं लौटता कोई खाली हाथ

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मां चंडिका अपने भक्तों की हर सच्ची प्रार्थना सुनती हैं. इसी आस्था के साथ लोग यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और मां का आशीर्वाद लेकर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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