प्रभारी नदारद, जीप खराब, फोर्स नहीं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :15 May 2017 3:28 AM (IST)
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उदासीनता. भगवान भरोसे पस्तपार पुलिस शिविर पतरघट : मधेपुरा जिले के तीन थाना क्षेत्र से घिरा पस्तपार पुलिस शिविर दियारा क्षेत्र के बीचोंबीच है. सीमावर्ती क्षेत्र होने की वजह से हाल के दिनों में पस्तपार कोसी क्षेत्र के कुख्यात अपराधियों के मुख्य शरणगाह के रूप में उपयोग होने लगा है. हथियार तस्करों का अड्डा होने […]
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उदासीनता. भगवान भरोसे पस्तपार पुलिस शिविर
पतरघट : मधेपुरा जिले के तीन थाना क्षेत्र से घिरा पस्तपार पुलिस शिविर दियारा क्षेत्र के बीचोंबीच है. सीमावर्ती क्षेत्र होने की वजह से हाल के दिनों में पस्तपार कोसी क्षेत्र के कुख्यात अपराधियों के मुख्य शरणगाह के रूप में उपयोग होने लगा है. हथियार तस्करों का अड्डा होने के साथ-साथ शाम ढलते ही नये चेहरे के अलावा स्थानीय युवाओं द्वारा पस्तपार बाजार में महुआ शराब का सेवन कर हुड़दंग मचाया जा रहा है. इस कारण संभ्रांत लोगों के अलावा व्यवसायियों का जीना मुहाल हो गया है.
पस्तपार पुलिस लोगों की सुरक्षा करने की बजाय अपनी ही सुरक्षा के लिए मोहताज बनी रहती है. यही कारण है कि यह क्षेत्र अपराधियों के लिए हथियार सप्लाई एवं शराब तस्करी का मुफीद अड्डा बन गया है. जानकारी के अनुसार, पस्तपार पुलिस शिविर में प्रभारी रविंद्र हरिजन के अलावा तीन एएसआइ पदस्थापित हैं. लेकिन वर्तमान समय में बिना छुट्टी के तीन दिनों से शिविर प्रभारी के अलावे दो एएसआइ शिवपूजन कुमार एवं अशोक कुमार मिश्रा गायब हैं.
साथ ही पस्तपार पुलिस शिविर फरवरी माह से बिना फोर्स के चल रहा है. उपलब्ध जीप भी दो माह से खराब है. एक जमादार एवं एक चौकीदार के भरोसे मोटरसाइकिल से अपराध नियंत्रण एवं गश्ती की जाती है. इस हालत से यही अनुमान लगाया जा सकता है कि पस्तपार पुलिस शिविर राम भरोसे चल रहा है. इसका सीधा फायदा अपराधियों द्वारा उठाया जा रहा है.
आता है, कुछ बोल कर चला जाता है
एक चौकीदार ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सभी अपराधियों को यहां पर जातिगत आधार पर संरक्षण दिया जाता है. उन्होंने बताया कि मनमर्जी का आलम यह है कि यहां पर जिसका जब मन होता है.
आकर हम लोगों को कुछ बोल कर चला जाता है. पुलिस की इसी कमजोरी का फायदा उठाकर इधर हाल के दिनों में शिविर क्षेत्र अंतर्गत कई आपराधिक घटना को अपराधियों द्वारा अंजाम दिये जाने से आम लोगों में भय के साथ-साथ दहशत भी है. वहीं पुलिस भी उक्त मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है. स्थानीय लोगों ने जिले के पुलिस कप्तान से पस्तपार पुलिस शिविर में तेज-तर्रार अधिकारी, बेहतर गाड़ी एवं दो सेक्शन पुलिस फोर्स दिये जाने की मांग की है. इस बाबत एएसआइ ललन प्रसाद सिंह ने बताया कि हम अकेले हैं. स्टेशन डायरी प्रभारी सर के रूम मे बंद है. दो पदाधिकारी बिना सूचना के गायब हैं. एक चौकीदार के साथ अकेले मोटरसाइकिल से ड्यूटी करते हैं. जीप भी खराब है. पुलिस फोर्स भी बीते फरवरी माह से नहीं है. उस स्थिति में हम अकेले क्या कर सकते हैं.
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