नीतीश के आगमन की सूचना से आरणवासियों में खुशी

Published at :16 Dec 2016 4:52 AM (IST)
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नीतीश के आगमन की सूचना से आरणवासियों में खुशी

सतरकटैया : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी निश्चय यात्रा के क्रम में शनिवार को आरण गांव आयेंगे. नीतीश के गांव आने की सूचना से आरणवासियों में खुशी है. आरण गांव सहित क्षेत्र की जनता ने सीएम के स्वागत की तैयारी शुरू कर दी है. वहीं प्रशासनिक स्तर से भी युद्धस्तर पर तैयारी की जा […]

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सतरकटैया : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी निश्चय यात्रा के क्रम में शनिवार को आरण गांव आयेंगे. नीतीश के गांव आने की सूचना से आरणवासियों में खुशी है. आरण गांव सहित क्षेत्र की जनता ने सीएम के स्वागत की तैयारी शुरू कर दी है. वहीं प्रशासनिक स्तर से भी युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम कहरा के सिरादेयपट्टी का कार्यक्रम स्थगित कर अचानक आरण आने की सूचना ने प्रशासन की बेचैनी भी बढ़ा दी है. प्रभात खबर द्वारा लगातार लंबे समय से आरण में पांच सौ के होने की खबर प्रकाशित होने के बाद सरकार ने संज्ञान लिया और सीएम का कार्यक्रम इस गांव में बना.

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री 17 दिसंबर को करीब दस बजे मधेपुरा से सड़क मार्ग से सीधे आरण गांव आयेंगे और यहीं से सहरसा के लिए प्रस्थान करेंगे. इस बीच मुख्यमंत्री आरण के जंगलों में घुमकर मोर को देखेंगे. यहां के ग्रामीणों से मोर की कहानी सुनेंगे. स्थानीय लोगों ने बताया कि आरण के ग्रामीणों का मयूर के प्रति अगाध प्रेम है. मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर गुरुवार को विधायक अरुण कुमार ने मध्य विद्यालय परिसर में ग्रामीण की बैठक कर लोगों को जानकारी दी.

ईश्वर के रूप में कृपा से आरण आ रहे मुख्यमंत्री नीतीश : मयूर को लेकर प्रसिद्ध हो चुके विशनपुर पंचायत के आरण गांव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन की जानकारी मिलते ही लोग में खुशी हैं. ग्रामीणों ने कहा कि वे कभी सोचे भी नहीं थे कि इस गांव में कभी सीएम का आगमन भी होगा. गांव के कई बुजुर्गों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते कहा कि अब विश्वास हो गया है कि आरण मयूरों का अभयारण्य बनकर रहेगा. राजेंद्र प्रसाद यादव, रामोतार यादव, दीपनारायण यादव, उमेश कुमार यादव, गोपाल यादव, अभिनंदन यादव, सज्जन यादव, जयप्रकाश यादव आदि ने बताया कि इस इलाके के लोग सौभाग्यशाली हैं.
मुख्यमंत्री के आगमन से गांव मयूर अभयारण्य तो बनेगा ही. साथ ही आरण गांव के विकास का रास्ता साफ हो जायेगा. अभयारण्य बनने से गांव पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा और गांव की संस्कृति भी विकसित होगी. लोगों ने बताया कि अभिनंदन यादव उर्फ कारी झा के सौजन्य से 25 वर्षों से इस गांव में मोर वास करते हैं, लेकिन किसी ने मोर को क्षति पहुंचाने का प्रयास भी नहीं किया. भगवान कार्तिकेय की सवारी होने के कारण ईश्वर की कृपा आरण गांव पर बरस पड़ी है, जिसका परिणाम है मुख्यमंत्री जी स्वयं इस गांव आ रहे हैं.
लाये थे अपने कल्याण को, आज हो रहा है गांव का कल्याण : विशनपुर पंचायत के आरण गांव निवासी 71 वर्षीय अभिनंदन यादव उर्फ कारी झा अब मयूर बाबा के नाम से प्रसिद्ध हो चुके हैं. 55 वर्ष की उम्र में उन्होंने एक संत के कहने पर पंजाब से एक मोर व एक मोरनी का बच्चा लाया था. जिसे पिंजरा बनाकर अपने घर में रखा. घर के अन्य बच्चों की तरह वे उसे भी समय से दाना-पानी देते. तुरंत ही वह घर का सदस्य बन गया. उनके घर-आंगन में खेलने लगा. दिन भर खेत-खलिहानों में घुम फिर शाम में घर लौट जाता. मोर का जोड़ा घर वालों की आवाज व उनके इशारों को समझने लगा. बड़ा होने के बाद मोर के उस जोड़े ने छह अंडे दिये,
जिससे अभिनंदन के घर में मोरों की संख्या आठ हो गयी. साल दर साल मोरों की संख्या बढ़ती चली गयी. मोरों का झुंड उनके घर में कोहराम मचाने लगा. घर में रखे अनाजों को नुकसान पहुंचाने लगा. परेशान होकर कारी झा ने सभी मोरों को घर से निकाल जंगल में छोड़ दिया, लेकिन गांव का परिवेश अनुकूल होने के कारण मोर उस गांव को छोड़ कर कहीं नहीं गये. संख्या बढ़ती गयी और आज वे पांच सौ के करीब पहुंच चुके हैं. गांव के हर एक व्यक्ति से उनका अपनेपन का संबंध है.
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