संग्रहालय का 11 साल बाद खुला ताला

Published at :24 Sep 2016 8:13 AM (IST)
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संग्रहालय का 11 साल बाद खुला ताला

अब आम लोग फिर से पुरातत्व के धरोहर से परिचित होंगे, क्योंकि अब कारू खिरहरि संग्रहालय का 11 साल बाद खुला ताला सहरसा : स्थानीय मत्स्यगंधा स्थित कारू खिरहरि संग्रहालय का शुक्रवार को 11 वर्षों बाद ताला खोला गया. अब आम लोग फिर से पुरातत्व अवशेष सहित क्षेत्र की कला व संस्कृति के धरोहर से […]

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अब आम लोग फिर से पुरातत्व के धरोहर से परिचित होंगे, क्योंकि अब कारू खिरहरि संग्रहालय का 11 साल बाद खुला ताला
सहरसा : स्थानीय मत्स्यगंधा स्थित कारू खिरहरि संग्रहालय का शुक्रवार को 11 वर्षों बाद ताला खोला गया. अब आम लोग फिर से पुरातत्व अवशेष सहित क्षेत्र की कला व संस्कृति के धरोहर से परिचित होंगे. जानकारी देते हुए भागलपुर संग्रहालय अध्यक्ष डॉ ओमप्रकाश पांडे ने बताया कि कला संस्कृति विभाग द्वारा उन्हें कारू संग्रहालय का प्रभारी बनाते हुए संग्रहालय को खोलने का निर्देश प्राप्त हुआ था. इसी आलोक में संग्रहालय को खोला गया है.
उन्होंने बताया कि प्रदर्शित पुरातत्व अवशेष अपने-अपने स्टैंड पर सुरक्षित हैं. किसी भी तरह की कोई अन्य क्षति नहीं है.संग्रहालय अपने पुराने नियमानुसार खोला जायेगा व साप्ताहिक बंदी सोमवार को रहेगी. उन्होंने बताया कि चतुर्थवर्गीय कर्मी अवधेश कुमार चौरसिया संग्रहालय की देख रेख करेंगे तथा सुरक्षा के दृष्टिकोण से जिला प्रशासन द्वारा दिया गया एक-चार की सुरक्षा तैनात रहेगी. वहीं 11 वर्षों के बाद संग्रहालय खोले जाने की जानकारी लोगों को मिलते ही संग्रहालय देखने वाले लोग पहुंचने लगे हैं तथा अपने क्षेत्र के पुरातत्व अवशेष को देख जानकारी ले रहे हैं.
मालूम हो कि वर्ष 2005 में संग्रहालय में चोरी हो जाने के बाद पांच जनवरी 2005 को इसे बंद करा दिया गया था. संग्रहालय बंद होने के बाद कई सामाजिक संगठनों ने पुन: इसे खोलने को लेकर जिला प्रशासन से आग्रह भी किया था. पिछले पांच सालों से प्रभात खबर द्वारा भी यह मुद्दा लगातार उठाया जाता रहा है.
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