आतिशबाजी उल्लास नहीं, धन की बरबादी है

आतिशबाजी उल्लास नहीं, धन की बरबादी है मीठी दीवालीबच्चे हो जायेंगे जागरूक ,अब आपकी बारी है…प्रतिनिधि, सहरसा नगर जगमग करते दीपों का त्योहार दीपावली आने वाला है. हर कोई पर्व की तैयारी करने में व्यस्त है. दिवाली को लेकर खरीदारी करने वालों से बाजार पूरी तरह पटा हुआ है. हर चौक-चौराहों पर पर्व से जुड़े […]
आतिशबाजी उल्लास नहीं, धन की बरबादी है मीठी दीवालीबच्चे हो जायेंगे जागरूक ,अब आपकी बारी है…प्रतिनिधि, सहरसा नगर जगमग करते दीपों का त्योहार दीपावली आने वाला है. हर कोई पर्व की तैयारी करने में व्यस्त है. दिवाली को लेकर खरीदारी करने वालों से बाजार पूरी तरह पटा हुआ है. हर चौक-चौराहों पर पर्व से जुड़े सामनों की दुकानें सजी है. हुक्का-पानी, दीया-डिबिया, कलश, कैंडिल, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, पोस्टर, स्टिकर, चुनरी की दुकानों पर खरीदारी हो रही है. बाजार पटाखों की दुकान भी सज गयी है. आतिशबाजी के ग्राहक इस बार अन्य वर्षों की अपेक्षा जागरूक होने की वजह से कम पहुंच रहे है. आम लोगों में खासकर बच्चों में पर्यावरण को लेकर जागरूकता आयी है. पर्यावरण संरक्षण व पटाखा फैक्टरी में हर साल होने वाले बाल श्रमिकों की मौत को रोकने में लोग अपनी भूमिका निभा रहे है. शंकर चौक पर खरीदारी कर रही सुजाता सिंह ने बताया कि प्रभात अभियान से जागरूकता आयेगी. बीते वर्ष अखबार के अभियान का असर था कि बच्चों ने मिठाई बांट दीवाली मनायी थी. खासकर बच्चों की समझ में बदलाव आया है. पटाखों के लिए होने वाली जिद में कमी आयी है. अब घर के बड़ों की बारी है, कैसे मनेगी आने वाली पीढ़ी की शुभ व मीठी दिवाली.प्रभात अभियान: क्या बिना पटाखे के दीवाली नहीं मनाई जा सकती है ? ग्लोबल वार्मिंग व बच्चों की मौत को रोकने में इस दीवाली पर आपकी क्या भूमिका होगी. आप हमें फोन या व्हाट्सएप के जरिये 94318-07274 पर मैसेज व इससे जुड़ी तस्वीर भी भेज सकते है. – आपने की है अपीलमुझे आतिशबाजी नहीं करनी है, दीपावली पर ढ़ेर सारा मिठाई खाऊंगी.साक्षी, रानीहाटहिंदु धर्म शास्त्रों में दीपावली के मौके पर आतिशबाजी की चर्चा नहीं है, ऐसे में इस प्रचलन को बंद करना होगा.रविंद्र, सहरसाहमने पटाखा नहीं जलाने का संकल्प लिया है, आतिशबाजी पर्यावरण को अशुद्ध करती है.संजय दास, नवहट्टा पटाखा प्रदूषण फैलाता है, पर्यावरण संरक्षण के लिए पटाखा नहीं जलाने का संकल्प लेता हूं.सुमित अग्रवाल, सहरसारुपयों में आग लगाने के समान है आतिशबाजी, दीपावली पर लक्ष्मी की पूजा करूंगा, अनादर नहीं. रोशन, सौरबाजारमैं शिक्षक हूं, मेरे समक्ष बच्चों ने पटाखा नहीं जलाने का संकल्प लिया है.कार्तिक, अर्राहामैंने अपने स्कूल के मित्रों के साथ आतिशबाजी के बहिष्कार करने का संकल्प लिया है. राज, एकलव्या स्कूलहमने पटाखा का बहिष्कार कर दीपावली पर मिठाई बांटने का संकल्प लिया है. प्रभात अभियान का धन्यवाद.दीपक सिंह, सहरसापर्यावरण संरक्षण के लिए आतिशबाजी बहिष्कार का संकल्प लेता हूं, मीठी दीवाली मनाना चाहिए.पीयूष, नवोदय विद्यालयदीपावली पर पटाखा का बहिष्कार करे, पर्यावरण को बचाना है.जफर, बनमापटाखा जलाने से श्रवण संबंधी रोग होता है, इसका बहिष्कार करना होगा.शिवम, बसौनापटाखा नहीं जलाना है, सरकार भी इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाये.सुशील दास, सहरसाआतिशबाजी का बहिष्कार कर पर्यावरण को शुद्ध रखें, आने वाली पीढ़ी के लिए शुभ रहेगी दीपावली.प्रो पीके सिंह, सहरसाआतिशबाजी पर्यावरण के लिए घातक है, इसका बहिष्कार सभी को करना होगा.सुदर्शन, महिषीफोटो- मीठी दिवाली का एक लोगो लगा देंगे
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