अस्पताल में इलाज कराना आसान नही

Published at :26 Oct 2015 7:18 PM (IST)
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अस्पताल में इलाज कराना आसान नही

अस्पताल में इलाज कराना आसान नही मरीजों को खुद लाना पड़ता है प्लास्टर से संबंधित सामग्री सहरसा सिटी : प्रमंडलीय अस्पताल कहे जाने वाले सदर अस्पताल में इलाज कराना आसान नही है. हालात यह है कि यदि कोई बीमार पड़ जाए और इलाज के लिये सदर अस्पताल जा रहे हों तो संभलिए. जेब में पैसा […]

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अस्पताल में इलाज कराना आसान नही मरीजों को खुद लाना पड़ता है प्लास्टर से संबंधित सामग्री

सहरसा सिटी : प्रमंडलीय अस्पताल कहे जाने वाले सदर अस्पताल में इलाज कराना आसान नही है. हालात यह है कि यदि कोई बीमार पड़ जाए और इलाज के लिये सदर अस्पताल जा रहे हों तो संभलिए. जेब में पैसा है या नही इसकी जांच के बाद ही आप अस्पताल की और रुख कीजिये.

वरना आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. कई माह से दवाओं की घोर कमी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खासकर सुदूर देहात से इलाज कराने आने वाले गरीबों को काफी परेशानी हो रही है. दवा की कमी के कारण लोगो को स्लाईन से लेकर जीवनरक्षक दवाई के लिये बाजार का चक्क र लगाना पड़ रहा है. आर्थिक रूप से कमजोर लोगो को दवा की कमी के कारण कर्ज का सहारा लेना पड़ रहा है. खुद लाना पड़ता है पीओपी प्रमंडलीय अस्पताल में ड्रेसिंग तक का सामान नहीं है. मरीजों को स्वयं कॉटन व टिंचर तक खरीदना पड़ता है.

सोमवार को पुलिस विभाग में नवनियुक्त महिला सिपाही पूजा कुमारी हाथ में पीओपी व बैंडेज लेकर ओटी के पास खड़ी थी. पूछने पर बताया कि पुलिस लाइन में पीटी के दौरान पांव फिसल गया. आोपीडी में दिखाने पर डॉक्टर ने एक्सरे कराने को कहा. एक्सरे में पांव के टूट जाने की पुष्टि हुई , जिसके बाद डॉक्टर ने प्लास्टर कराने को कहा. ऑपरेशन थियेटर में आने पर पीओपी, बैंडेज व अन्य दवाई बाहर से खरीद कर लाने की सलाह दी गयी. जिसके बाद बाजार से सभी दवाई खरीद कर मंगवाई हूं.

इसके अलावे सेफेक्सीन, एम्पीलीसीन, मेकासीन, ऑनडेम, डायलोना, डेक्लोभिन, पारासिटामोल, डेक्सोना, आरएल स्लाईन, यूरो बैग, कैल्सियम, मेट्रोन, पेंटाप्राजोल, मेट्रोजिन, इन्फ्यूजन, बीकॉम्प्लेक्स सिरप, पारासिटामोल सिरप, एलबेंडाजोल सिरप, सेटरीजिन, मेकानाजोल मलहम, पोबिडन, डेक्लोफेनिक सहित कई अन्य दवा उपलब्ध नहीं है. वहीं ऐंटी रेबिज इंजेक्शन भी महीनों से अस्पताल में उपलब्ध नहीं है. कुत्ता काटने के बाद लोगों को इंजेक्शन लेने के लिए बाजार से खरीदना मजबूरी बन गयी है. फोटो- हॉस्पीटल 21- इलाज के लिए पीओपी खरीद ले जाती महिला पुलिस

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