गीता के जरिये मजबूत हुए भारत-पाक के राजनायिक रश्तिे

Published at :25 Oct 2015 6:40 PM (IST)
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गीता के जरिये मजबूत हुए भारत-पाक के राजनायिक रश्तिे

गीता के जरिये मजबूत हुए भारत-पाक के राजनायिक रिश्ते आज लाहौर से दिल्ली पहुंच जायेगी गीताकबिराधाप के जनार्दन महतो का पिता होने का दावाडीएनए जांच के बाद मामले का होगा पटाक्षेप कुमार आशीष, सहरसा नगरबीते डेढ़ महीने पूर्व हिंदी सिनेमा बजरंगी भाइजान के रिलीज होने के बाद चर्चा में आयी पाकिस्तान के ईदी फाउंडेशन में […]

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गीता के जरिये मजबूत हुए भारत-पाक के राजनायिक रिश्ते आज लाहौर से दिल्ली पहुंच जायेगी गीताकबिराधाप के जनार्दन महतो का पिता होने का दावाडीएनए जांच के बाद मामले का होगा पटाक्षेप कुमार आशीष, सहरसा नगरबीते डेढ़ महीने पूर्व हिंदी सिनेमा बजरंगी भाइजान के रिलीज होने के बाद चर्चा में आयी पाकिस्तान के ईदी फाउंडेशन में रह रही गीता स्वदेश वापसी से पहले देश के घर-घर में पहचानी जाने लगी है. जिले के कबिराधाप निवासी जनार्दन महतो के अलावा झारखंड, पंजाब व तेलंगाना से भी लोगों ने गीता की तसवीर देख बेटी होने का दावा किया था. जिसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पहल पर सभी दावेदारों की तसवीर ईदी फाउंडेशन के जरिये गीता को भेजी गयी थी. जिसमें गीता ने कबिरा निवासी जनार्दन को अपने पिता के रुप में पहचाना था. जिसके बाद पाकिस्तान व भारत के राजनायिक के द्वारा लगातार की गयी कवायद के बाद गीता के वतन वापसी का रास्ता साफ हुआ है. इस बीच दोनों देश के राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ता व अधिकारियों का बेहतर समन्वय भी लोगों को देखने के लिए मिला है. डीएनए जांच से होगा फैसलादशक पूर्व से पाकिस्तान के ईदी फाउंडेशन में जीवन बीता रही गुंगी लड़की गीता सोमवार को जब दिल्ली आयेगी तो उसके सामने खुशी व गम साथ रहेगा. वर्षों से जिन लोगों ने लाहौर में माता-पिता व भाई का प्यार दिया है, उनसे अलग होना गीता के लिए भी मुश्किल होगा. दूसरी तरफ देश वापसी का उल्लास भी गीता के अंदर देखने को मिलेगा. भारत सरकार ने पूर्व में ही अपना रुख साफ कर दिया है कि डीएनए जांच सही नहीं पाये जाने पर गीता को पुनर्वास केंद्र में रख कर स्वाबलंबी बनाया जायेगा. ज्ञात हो कि गीता के कथित पिता व उनके परिजन पूर्व में ही दिल्ली पहुंच चुके हैं. … और भी हैं गीतापाकिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता मो बर्नी ने कहा कि गीता को परिजनों से मिलाने व स्वदेश ले जाने की पहल सफल साबित हुई है. उन्होंने कहा कि सीमा के आरपार इस तरह के भटके और भी कई लोग हैं. जिन्हें भी उनके घर तक पहुंचाने की पहल होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि अपनी जमीन व वतन लौटने की खुशी गीता के चेहरे को देख पता चलती है. कल तक खामोश रहने वाली लड़की की आंखे अब बोलने लगी है. ज्ञात हो कि सोमवार की सुबह ग्यारह बजे की फ्लाइट से गीता का दिल्ली आना तय है. नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी व कथित परिजन भी मौजूद रहेंगे. फोटो- गीता 1- अपने परिजनों की तसवीर दिखाती गीताफोटो- गीता 2- फाउंडेशन के बच्चों के साथ चहकती गीता मनपसंद भोजन व कपड़े के साथ विदा होगी गीता गीता की वतन वापसीनिरंजन / सिमरी बख्तियारपुर13 वर्षों से पाकिस्तान में रह रही गीता सोमवार को राजधानी दिल्ली में ईदी फाउंडेशन के पांच सदस्यीय टीम के साथ पहुंच जायेगी. इनलोगों केस्वागत के लिए विदेश मंत्रालय के कई पदाधिकारी सहित अन्य मौजूद रहेंगे. एयरपोर्ट पर गीता के पिता जनार्दन महतो, मां शान्ति देवी व पुत्र संतोष भी मौजूद रहेंगे. ईदी फाउडेशन के फैसल ईदी ने बताया कि रविवार की सुबह गीता ने पाकिस्तान की प्रख्यात समाजसेविका व गीता को अपनी पुत्री की तरह 13 वर्षों तक पालने वाली बिल्किस बानो ईदी द्वारा खुद से खरीदे गए बैंगनी रंग के सूट को पहन सबसे पहले अपने कमरे में भगवान की तसवीर के सामने अगरबत्ती व दीप जलाकर पूजा-अर्चना की. पूजा अर्चना के बाद ईदी फाउडेशन के संस्थापक अब्दुल सत्तार ईदी व बिल्किस बानो ईदी का चरण स्पर्श कर आर्शीवाद प्राप्त किया. वहीं गीता को ईदी फाउंडेशन के द्वारा गहने का एक सेट व एक जोड़ी साड़ी, आर्ची कम्पनी की घड़ी, कई जोड़े सलवार-सूट दिए गए हैं. अपने साथ लाने वाले समानों की पैकिंग गीता स्वयं कर रही है. सबने खाया गीता की पसंद का खानारविवार की सुबह से ही गीता अपने घर जाने को लेकर काफी उत्साहित है. गीता के लिए ईदी फाउंडेशन में गीता की पसंदीदा खाना खीर पुरी बनवाया गया है, जिसे गीता ने बड़े चाव से खाया. उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय के उच्चायुक्त टीसीए राघवन के बुलावे पर गीता के साथ पांच सदस्यीय टीम में ईदी फाउंडेशन के संस्थापक अब्दुल सत्तार ईदी, फैसल ईदी, फहद ईदी व अन्य के जाने की संभावना है. गीता लाहौर एयरपोर्ट से पाकिस्तानी एयरलाईन्स से दिल्ली आयेगी.संस्कार देख बदला गया नामवर्ष 2003 में लाहौर रेलवे स्टेशन पर समझौता एक्सप्रेस में भारत से भटक कर पाकिस्तान पहुंची मूक-बधिर गीता को पाकिस्तानी रेंजरों द्वारा परवरिश के लिए ईदी फाउंडेशन को दिया गया था तो ईदी फाउडेशन के संस्थापक अब्दुल सत्तार ईदी व बिल्किस बानो ईदी ने सर्वप्रथम गीता का नाम फातिमा रखा, लेकिन फातिमा द्वारा सभी का चरण स्पर्श कर प्रणाम करने व भगवान सूर्य को नमस्कार करते हुए देखने पर ईदी फाउडेशन को एहसास हुआ कि यह बच्ची हिन्दु है उसके बाद फातिमा का नाम बदल कर गीता रखा गया. फोटो-गीता 3- विदाई में मिली जेवरात को दिखाती गीताफोटो- गीता 4- अपने साथी को नये कपड़े दिखाती गीताफोटो- गीता 5- खुशी के मुद्रा में गीता फोटो- गीता 6- नये कपड़े पहनने के बाद पूजा करती गीता … तो नहीं समझ सकी थी मासूम का इशारादस वर्ष पूर्व पाकिस्तान यात्रा पर गयी भारतीय समाजसेविका से मिली थी गीताआयुष कुमार, सिमरी नगरभारत की प्रख्यात समाजसेविका मोहिनी गिरि ने बताया कि जब मैं करीब 10 वर्ष पूर्व पाकिस्तान गयी थी तो मुझे ईदी फाउंडेशन जाने का मौका मिला. ईदी फाउंडेशन की साफ-सुथरी व्यवस्था देखकर मैं भौंचक रह गयी थी, मुझे लगा कि मैं कोलकाता स्थित मदर टेरेसा चैरेटी में ही हूं. बिल्किस बानो ईदी का बच्चों के प्रति प्रेम ने मुझे खासा आकर्षित किया था. जब मैं ईदी फाउडेशन घूम रही थी तो एक बच्ची ने मेरे पास आकर मेरी बड़ी-बड़ी बिन्दी की ओर इशारा किया व पैर छूकर आशीर्वाद लिया था. मैं भी आर्शीवाद देकर चली गयी. लेकिन आज उसी लड़की को भारत की पुत्री गीता बताया जाने पर व भारत आने पर आज एहसास हुआ कि वो लड़की उस वक्त मुझे इशारे ही इशारे में कुछ कहना चाह रही थी. पाकिस्तान ने जिस तरह से भारत की बेटी को अपनी बेटी की तरह पाला यह दोनों देशों के बीच की कड़वाहट व खाई का दूर करेगी. फोटो- गीता 7- पाकिस्तान में मिले उपहारों की पैकिंग करती गीता

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