जनार्दन को उम्मीद, वापस लौट रही है गीता

Published at :15 Oct 2015 6:42 PM (IST)
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जनार्दन को उम्मीद, वापस लौट रही है गीता

सिमरी : बख्तियारपुर (सहरसा) 11 वर्ष पूर्व भटक कर पाकिस्तान पहुंची गीता की पहचान हो चुकी है. गीता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी को देश लाने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दूतावास को भेजी गयी तसवीर को गीता ने पहचान लिया है. हालांकि गीता भारत के किस प्रांत […]

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सिमरी : बख्तियारपुर (सहरसा) 11 वर्ष पूर्व भटक कर पाकिस्तान पहुंची गीता की पहचान हो चुकी है. गीता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी को देश लाने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दूतावास को भेजी गयी तसवीर को गीता ने पहचान लिया है. हालांकि गीता भारत के किस प्रांत और किस गांव से ताल्लुक रखती है,

यह बात विदेश मंत्रालय ने साफ नहीं किया है.पिता का दावा मेरी ही बेटी हैगीता के पिता ने बताया कि विदेश मंत्रालय के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, गीता का संबंध बिहार से बताया जा रहा है. गीता को भारत लाये जाने की खबर से जिले के सलखुआ प्रखंड के कबीरा धाप निवासी जनार्दन महतो की उम्मीदें एक बार फिर से तेज हो गयी है.

गीता को अपनी खोई बेटी हीरा बताने वाले जनार्दन महतो ने कहा कि उसे अभी भी पूरा विश्वास है कि वो कोई गीता नहीं बल्कि उनकी बेटी हीरा ही है. गीता के पिता होने का दावा करने वाले सलखुआ प्रखंड अंतर्गत धाप कबिरा निवासी जनार्दन महतो ने बताया कि वे लंबे समय से लुधियाना के टिब्बा रोड रमेश नगर गली नंबर 1/2 मकान नं0 13949 में अपने परिजनों के साथ रहकर जीवन यापन कर रहे थे. अपने सात बेटा-बेटियों में 5 पुत्र बलराम महतो, मनोज, बिनोद, सिकन्दर, नन्दु एवं 2 पुत्री हीरा कुमारी, सुनीला कुमारी के साथ रह रहे थे.जन्म से ही मूक-बधिर थी हीरा पहली पुत्री हीरा बचपन से ही मूक-बधिर थी.

ग्रामीण परंपरा के अनुसार हीरा उर्फ गीता की बचपन में ही कबीरा निवासी उमेश महतो से शादी कर दी गयी थी. जिससे एक पुत्र भी हुआ था. वैशाखी के समय रोजी रोटी कमाने उमेश महतो पंजाब के करतारपुर के मिल्लीया पिंड चले गए थे.

बेटा होने पर दमाद अपने साथ हीरा उर्फ गीता व पुत्र संतोष को विदाई कर साथ ले गए. वैशाखी मेला में परिजनों के साथ मेला देखने के क्रम में भीड़-भाड़ होने के कारण गीता बिछुड़ गयी. काफी प्रयास के बाद भी हीरा उर्फ गीता के नहीं मिलने से हमलोग काफी निराश थे. टीवी में देखने के बाद पाकिस्तान की गीता को मैं अपनी पुत्री के रूप में पहचान गया.

मां शांति देवी ने पाकिस्तान की गीता को अपनी पुत्री हीरा के रुप में पहचानने का दावा किया था. जिसको लेकर विदेश मंत्रालय के बुलावे पर परिजनों ने अपने परिवार व हीरा के पुराने फोटो को विदेश मंत्रालय में जमा करवाया था. जिसे विदेश मंत्रालय द्वारा पाकिस्तान भेज कर फोटो की पहचान की प्रक्रिया शुरू की गयी थी. जिसके बाद गीता को भारत लाने की पहल की गयी है. जिसके तहत पाकिस्तान से गीता को भारत लाया जा रहा है.फोटो:- परिजन 8 – गीता के परिजन (फाइल फोटो)

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