शहर की संकरी गलियों में अब नहीं बन सकेंगे मकान

Updated at : 24 Feb 2018 5:09 AM (IST)
विज्ञापन
शहर की संकरी गलियों में अब नहीं बन सकेंगे मकान

नियमानुसार नक्शा स्वीकृति का निर्देश सहरसा : शहर की संकरी गलियों व मोहल्लों में लोग अब घर नहीं बना सकेंगे. बहु मंजिल इमारत बनाने के लिए सामने अगर 20 फुट से कम चौड़ी सड़क होगी, तो नगर परिषद नक्शा पास नहीं करेगा. आवासीय एक मंजिल मकान बनाने के लिए 12 फूट की सड़क अनिवार्य है. […]

विज्ञापन

नियमानुसार नक्शा स्वीकृति का निर्देश

सहरसा : शहर की संकरी गलियों व मोहल्लों में लोग अब घर नहीं बना सकेंगे. बहु मंजिल इमारत बनाने के लिए सामने अगर 20 फुट से कम चौड़ी सड़क होगी, तो नगर परिषद नक्शा पास नहीं करेगा. आवासीय एक मंजिल मकान बनाने के लिए 12 फूट की सड़क अनिवार्य है. यह नियम नये क्षेत्र में घर बनाने वालों पर लागू होगा. पुराने क्षेत्र में अगर मकान बनाना चाहते हैं, तो उन्हें जमीन छोड़नी होगी. विभाग ने मानक तय कर दिया है. सरकार के विशेष सचिव ने नगर विकास व आवास विभाग से नगर परिषद प्रशासन को पत्र भेज सूचित किया है.
लोगों को यह होगा फायदा : नये नियम 20 फुट चौड़ी सड़क भवन निर्माण के प्रावधान से भवन बनाने वाले व आस-पास रहने वाले लोगों को कई फायदे होंगे. इस नियम व नक्शा के अनुसार भवन बनाने से प्राकृतिक आपदा या आकस्मिक दुर्घटना से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा. यह जिला भूकंप प्रभावित क्षेत्र में आता है.भूकंप आने या अचानक आग लगने की स्थिति में भगदड़ से उत्पन्न होने वाली समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा. सड़क चौड़ी होने से बड़े वाहन मौके पर आसानी से मदद के लिए पहुंच सकते हैं.
नक्शा स्वीकृति का निर्धारित शुल्क : नियमानुसार आवेदन परिपूर्ण रहने पर नक्शा स्वीकृति के लिए विभागीय प्रावधान के अनुसार आवासीय भवन निर्माण के लिए 10 मीटर ऊंचाई तक के लिए 10 रुपये स्क्वायर मीटर, 10-15 मीटर उंचाई तक 15 रुपये, 15 मीटर से ऊपर के भवन के लिए 20 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर की दर से राशि लेने का नियम है. व्यावसायिक भवन निर्माण के लिए आवासीय भवन के समान ऊंचाई के लिए दर से दोगुना राशि लेने का प्रावधान है.
धड़ाधड़ जारी है भवन निर्माण: नगर परिषद क्षेत्र में बिना नक्शे के भवन का निर्माण जारी है. एक दशक में नप क्षेत्र के विभिन्न मोहल्ले तेजी से विकसित हुए हैं. इन मोहल्ले में कई बहुमंजल भवन बिल्डिंग बायलॉज के धता दिखा निर्माण कराया जा रहा है. आंकड़ों पर गौर करें तो शहर में करीब 300 भवनों का निर्माण एक साल में हुआ है. शहर जिस तरह से तेजी से विकसित हुआ. उस तेजी से नगर परिषद अपने कार्यों को धरातल पर उतारने में पीछे रह गया.
नक्शा पास करने का नियम
भवन निर्माण के लिए नक्शा का आवेदन संबंधित व्यक्ति के द्वारा नगर परिषद में देने व जांच के बाद आवेदन तिथि से दो माह के अंदर पास करने का प्रावधान है. जांच के बाद किसी तरह की आपत्ति रहने पर निराकरण के लिए निगम को संबंधित आवेदक को 30 दिन के अंदर नोटिस भेजना है. नोटिस का जवाब निर्धारित तिथि तक नहीं देने पर दिया आवेदन स्वत: निरस्त हो जायेगा.
यह है बिल्डिंग बायलॉज
नगर परिषद क्षेत्र के लिए बिल्डिंग बायलॉज में आपदा प्रबंधन को जोड़ा गया है. 12 फुट से कम चौड़ी सड़क के किनारे आवासीय मकान का निर्माण नहीं होगा. 20 फुट से कम चौड़ी सड़क पर बहुमंजिल इमारत नहीं बनेगी. भवन निर्माण के दौरान अपने 10 फीसदी भूमि पर पेड़-पौधे लगाने होंगे और वर्षा जल संरक्षण के साथ भूकंप रोधी प्रमाण-पत्र अनिवार्य किया गया है.
नप से स्वीकृति जरूरी
भवन निर्माण के लिए नक्शा और नगर परिषद से स्वीकृति लेना जरूरी है. ऐसा नहीं करनेवाले भवन मालिकों पर कार्रवाई की जायेगी.
नीलाभ कृष्ण, कार्यपालक पदाधिकारी, नप सहरसा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन