तालाबों को भरने से बढ़ी परेशानी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 May 2017 1:33 AM (IST)
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कुव्यवस्था. वार्ड एक से सात तक में जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं जलस्तर में आ रही गिरावट से आयी नौबत सासाराम कार्यालय : शहर के उत्तर में वार्ड एक से सात तक स्थित है. आबादी करीब 30 हजार की आबादी के लिए नगर पर्षद अब तक जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं कर सकी है. इन वार्डों के […]
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कुव्यवस्था. वार्ड एक से सात तक में जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं
जलस्तर में आ रही गिरावट से आयी नौबत
सासाराम कार्यालय : शहर के उत्तर में वार्ड एक से सात तक स्थित है. आबादी करीब 30 हजार की आबादी के लिए नगर पर्षद अब तक जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं कर सकी है. इन वार्डों के निवासी भूमिगत जल पर निर्भर हैं. अधिकतर घरों में बोरिंग की व्यवस्था है. गरीबों के घरों में चापाकल लगे हैं. हाल के वर्षों में गरमी की शुरूआत होते ही कई घरों के बोरिंग व चापाकल पानी देना बंद कर देते हैं. गरमी के दिनों में भूमिगत जल का स्तर खिसकने से वर्ष में तीन माह तक पानी के लिए लोगों को परेशानी होती है. सरकारी चापाकलों की कमी के कारण गरीबों को दूसरे के उपर पानी के लिए निर्भर हो जाना पड़ता है.
कभी वार्डों में होती थी पानी की आपूर्ति : शहर उत्तर दिशा में करीब दो दशक पहले तक पानी की आपूर्ति होती थी. लालगंज गांव में लोक स्वास्थ्य अभियंतत्रण विभाग का बोरिंग था. जिससे तकिया व गौरक्षणी मुहल्ले के घरों में पानी की सप्लाई होती थी. बाद के दिनों में बोरिंग में हमेशा खराबी आने लगी. पानी की बाधित आपूर्ति के कारण पाइप जाम होने लगे. नतीजा हुआ कि जलापूर्ति के पाइप बंद होने लगी व आपूर्ति होने पर जगह-जगह पाइप फटने लगे. इसको लेकर पीएचइडी ने पूरी आपूर्ति ही बंद कर दी. अब लोग पूरी तरह भूमिगत जल पर ही निर्भर हैं.
शहर के उत्तरी क्षेत्र में पानी को तरसते हैं लोग
नगर पर्षद का हमारे वार्ड में ध्यान ही नहीं रहा. कई बार हमलोग पानी के लिए नेता, अधिकारी से गुहार लगाये. बाद में थकहार कर अपनी किस्मत पर बैठ गये.
मोहम्मद इकबाल आलम
अधिकांश घरों में बोरिंग का इस्तेमाल हो रहा है. भूमिगत पानी का बेतरतीब दोहन से जल स्तर लगातार गिर रहा है. हमें इस दिशा में स्वयं ही सोचना होगा.
अजय कुमार
हमें पानी के संरक्षण के लिए काम करना होगा. जलापूर्ति के लिए नगर पर्षद को भी काम करना होगा. भूमिगत जल के सूखने से इसका खामियाजा हमें ही भुगतना पड़ेगा.
मनोज कुमार
रेलवे के चाट में बड़ा जल का स्रोत था. रेलवे ने अपनी भूमि को भर दिया. अब वहां पानी नहीं होने से जल का स्तर गिर रहा है. तालाबों का संरक्षण जरूरी है.
पंकज कुमार गुप्ता
जलस्रोतों की हालत खास्ता
इन वार्डों के उत्तर दिशा में बड़ी नहर है. वार्ड नंबर एक में सलीमशाह सूरी के मकबरा का बड़ा तालाब है. अन्य वार्डों में कई छोटे-छोटे तालाब व पोखर हैं. लेकिन, अधिकतर की हालत खास्ता है. सलीमशाह सूरी मकबरा के तालाब का पानी सडांध युक्त है. निशान सिंह लाइब्रेरी का तालाब मरणासन्न हो चला है, तो रेलवे की चाट की भूमि भरने से बड़ा पानी का स्रोत बंद हो चुका है. नतीजा भूमिगत जल का स्तर काफी नीचे चला गया है.
बोले अधिकारी
शहर के उत्तर दिशा के वार्डों में जलापूर्ति के लिए जलमीनार की योजना पर काम हो रहा है. जल्द ही वार्ड के घरों में जलापूर्ति की व्यवस्था शुरू होगी.
नगर कार्यपालक पदाधिकारी, मनीष कुमार
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