सदर अस्पताल के ब्लड बैंक की हालत खस्ता

Published at :06 Feb 2017 3:47 AM (IST)
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सदर अस्पताल के ब्लड बैंक की हालत खस्ता

अनदेखी. इलाज कराने के लिए रोज आते हैं हजारों मरीज सासाराम सदर : रोज सैकड़ों मरीज सदर अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं लेकिन यहां ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में ब्लड नहीं है, जिससे मरीजों को परेशान होना पड़ सकता है. घायल मरीज, थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं व एनीमिया की शिकार […]

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अनदेखी. इलाज कराने के लिए रोज आते हैं हजारों मरीज

सासाराम सदर : रोज सैकड़ों मरीज सदर अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं लेकिन यहां ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में ब्लड नहीं है, जिससे मरीजों को परेशान होना पड़ सकता है. घायल मरीज, थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं व एनीमिया की शिकार मरीजों को खून की जरूरत पड़ती है. लेकिन, अस्पताल में मरीजों को खून के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. अधिकतर मरीजों को गंभीर स्थिति बता कर रेफर कर दिया जाता है.
अस्पताल में खून के जरूरतमंद मरीजों का इलाज राम भरोसे किया जा रहा है. अस्पताल में रोजाना लगभग पांच सौ से अधिक मरीज पहुंचते हैं. इसमें मौसमी बीमारी सहित एक्सिडेंटल, टीवी, एनीमिया, गर्भवती महिलाएं, सिजेरियन व बंध्याकरण के मरीज शामिल हैं. चिकित्सकों की मानें , तो मरीजों में लगभग 65 प्रतिशत खून की कमी पायी जाती है. अधिकतर मरीज एनीमिया के शिकार पाये जाते हैं, जिसमें चक्कर आना, थकान होना, त्वचा पीला पड़ना, सीने में दर्द, लगातार सिर में दर्द जैसे लक्षण दिखते हैं. चिकित्सक बीके पुष्कर व डाॅ प्रभाष कुमार ने बताया कि एनीमिया के शिकार अधिकतर महिलाएं होती हैं. उनमें शरीर के रक्त में हेमोग्लोबिन की कमी होने के कारण गर्भावस्था में आराम, अधिक मात्रा में विटामिन, मिनरल व फाइवर आदि की जरूरत होती है. ऐसे में ब्लड नहीं मिलना मरीज के लिए हानिकारक साबित हो सकता है.
शिविर से नहीं होता फायदा: सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य समिति ने साप्ताहिक रक्तदान शिविर का आयोजन निर्धारित किया, लेकिन इस रक्तदान शिविर का कोई लाभ ब्लड बैंक को नहीं हो रहा है. सिर्फ नाम मात्र के रक्तदान शिविर रह गये हैं. ब्लड बैंक के प्रभारी डाॅ शिव शंकर प्रसाद ने बताया कि रक्तदान करने के लिए लोग कम रुचि ले रहे हैं. लोगों के रक्तदान के प्रति जागरूक नहीं होने से बैंक में ब्लड की कमी हो जाती है. उन्होंने बताया कि ब्लड की कमी देखते हुए अब साप्ताहिक शिविर की जगह रोज रक्तदान किया जाता है. फिलहाल दो ग्रुप ए निगेटिव व ओ निगेटिव ब्लड ही उपलब्ध है. जरूरतमंद इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
कई बीमारियों में पड़ती है खून की जरूरत
खराब पड़े चार रेफ्रिजरेटर
सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड सुरक्षित रखनेवाले पांच में से चार मशीन वर्षों से खराब हैं. ब्लड बैंक प्रभारी डाॅ शिवशंकर प्रसाद ने बताया कि कई बार इस रेफ्रिजरेटर की मरम्मत करायी गयी, लेकिन फिर खराब हो गया. अब 60 यूनिट क्षमता वाला ब्लड बैंक रेफ्रिजरेटर उपलब्ध है. खराब परे रेफ्रीजरेटर की मरम्मत करायी जायेगी.
ब्लड बैंक में उपलब्ध ब्लड
ब्लड ग्रुप उपलब्ध यूनिट
ए निगेटिव 1 यूनिट
ए पॉजेटिव 2 यूनिट
ओ निगेटिव 1 यूनिट
बी पॉजेटिव 1 यूनिट
रक्तदान में लोगों की रुचि नहीं
रक्तदान के लिए लोगो में कम रुचि है, वो रक्तदान नहीं करना चाहते ऐसे में ब्लड बैंक में ब्लड कम होना लाजिमी है. लेकिन, ब्लड बैंक में ब्लड अधिक मात्रा में उपलब्ध करने के लिए प्रयास किया जायेगा. साथ ही खराब रेफ्रिजरेटर की मरम्मत करायी जायेगी.
डॉ केएन तिवारी, उपाधीक्षक
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