दयालगंज पुल के पास नहर का पूर्वी तटबंध टूटा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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राजपुर : तेतराढ़-राजपुर रजवाहा में आवश्यकता से अधिक पानी छोड़ दिये जाने से क्षेत्र के दयालगंज गांव के पुल के पास रजवाहा का पूर्वी तटबंध बुधवार की रात टूट गया. इस कारण गांव के दर्जन भर से ज्यादा किसानों की फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गयी है. तटबंध टूटने के कारण आयी बाढ़ से गांव निवासी रामासन यादव, हीरा यादव, कन्हैया यादव, राम अवध यादव, भुटुल यादव, अकलू यादव, कमलेश पाठक समेत दर्जन भर से ज्यादा किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

ग्रामीणों के मुताबिक, तेतराढ़ राजपुर वितरणी का तटबंध मरम्मत के अभाव में काफी कमजोर हो चुका है. मरम्मत के नाम पर विभाग द्वारा खानापूर्ति कर सरकारी राजस्व को चूना लगाया जा रहा है. इस कारण क्षेत्र अंतर्गत रबी फसल की खेती में अभी तक नहर का तटबंध तीन बार टूट चुका है.
उन्होंने बताया कि कमजोर तटबंध होने के बावजूद सिंचाई के लिए नहर की अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए आवश्यकता से अधिक छोड़ा जा रहा है, जिस कारण तटबंध पानी के दबाव को नहीं झेल पा रहा है और टूट कर किसानों की फसलों को डुबो दे रहा है.
विभाग की लापरवाही के कारण हुई इस क्षति के कारण किसानों ने जिलाधिकारी से फसल मुआवजे की मांग की है. वहीं विभाग द्वारा अपनी गलती मानने की बजाय किसानों को जिम्मेदार बताते हुए कहा जा रहा है कि पुल के पास नहर में गांसी लगाया गया था.
जबकि, असल बात यह है कि दयालगंज पुलिया से लेकर पकड़ी डाकबंगला तक नहर का तटबंध डेंजर जोन में तब्दील हो गया है. निचले हिस्से छपरा, हुसैनाबाद, डेहरी गांवों में कुछ ग्रामीणों द्वारा तटबंध को अतिक्रमण कर भरने का काम किया गया है, जिससे पानी का बहाव अवरुद्ध होकर डेंजर जोन पर दबाव बनने से अक्सर तटबंध टूट कर फसलों को क्षति पहुंचाती है.
कनीय अभियंता सुभाष कुमार ने बताया कि तटबंध टूटने से किसानों को क्षति जरूर हुई है, किंतु मुआवजा दिलाने की बात नहीं कर सकते. मिट्टी का तटबंध होने की कारण टूटने-बनाने की प्रक्रिया चलती रहती है. टेंल एंड तक पानी पहुंचाने की भी कोशिश विभाग की रहती है. इस बीच कही तटबंध टूट जा रहा है. इसकी मरम्मत की जा रही है. मवेशियों के कारण तटबंध की क्षति होती है. इसके लिए किसान भी जिम्मेदार हैं.
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