छोटू सिंडिकेट की पुलिस के साथ चल रही आंखमिचौली
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Oct 2017 11:27 AM (IST)
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चार छोटू सिंडिकेट बना करते हैं शराब की तस्करी, एक को पकड़ने में पुलिस को मिली है सफलता सासाराम नगर : शहर में चार छोटू (उपनाम) मिल कर शराब तस्करी करने के लिए एक सिंडिकेट खड़ा किये थे. इसमें एक छोटू शहर के बौलिया रोड निवासी शनिवार की शाम पुलिस के हत्थे चढ़ गया. बाकी […]
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चार छोटू सिंडिकेट बना करते हैं शराब की तस्करी, एक को पकड़ने में पुलिस को मिली है सफलता
सासाराम नगर : शहर में चार छोटू (उपनाम) मिल कर शराब तस्करी करने के लिए एक सिंडिकेट खड़ा किये थे. इसमें एक छोटू शहर के बौलिया रोड निवासी शनिवार की शाम पुलिस के हत्थे चढ़ गया. बाकी तीन छोटू अभी भी पुलिस के साथ लुका-छिपी का खेल खेल रहे है. इसी शहर में रह कर बड़े पैमाने पर शराब का धंधा कर रहे है. धौंस इतना की इनके भय से कभी कोई पुलिस को इनका सुराग नहीं बताता. इनके सिंडिकेट में युवाओं व महिलाओं की लंबी फेहरिस्त है, जो शराब की घर-घर डिलिवरी करतीं है.
बदलें में चार छोटू सिंडिकेट इन्हें कमिशन देता है. सूत्रों की माने तो इनके साथ कुछ पुलिस के लोग भी है जो इनके विरुद्ध होने वाली पुलिसिया कार्रवाई का पल-पल की खबर देते है. यह अलग बात है कि किस्मत दगा दिया और एक छोटू पकड़ा गया.
शराबबंदी के बाद बना था सिंडिकेट : प्रदेश में शराबबंदी के बाद अधिक मुनाफा देख चारों छोटू अलग-अलग शराब के धंधे से जुड़ गये. इनके आगे निकलने की प्रतिस्पर्धा होने लगी. एक-दूसरे का माल शराब की खेप पुलिस को सूचना देकर पकड़वाने लगे. इससे भारी नुकसान हुआ
इसी दौरान ताराचंडी धाम स्थित फोरलेन सड़क से 31 दिसंबर, 2016 को तेल टैंकर में 275 पेटी शराब, 30 जनवरी, 2017 को मॉडल क्षेत्र अंर्तगत फजलगंज से एक कंटेनर 325 पेटी शराब पकड़ा गया. फिर आठ मार्च को दरिगांव थाना क्षेत्र के बुढ़न रोड से एक ट्रक 465 पेटी अंग्रेजी शराब की खेप को इनकी फूट से पुलिस पकड़ने में कामयाब हुई.
इसके बाद जिले का एक पुराना शराब माफिया चारों के एक साथ बैठा सिंडिकेट का नींव रख दिया. चारों अलग-अलग व्यवसाय से जुड़े आर्थिक रूप से मजबूत चारों छोटू जब मिल कर धंधा करना शुरू किये, तो पुलिस को सांप सुंघ गया. पूरे जिले में इनक सम्राज्य स्थापित हो गया. शहर से गांव कस्बों तक इनका शराब बिकने लगा.
इधर, एक छोटू की गिरफ्तारी से इनका सिंडिकेट थोड़ा कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन आज भी यह मजबूत स्थिति में है. जानकारों की माने तो सिंडिकेट का रणनीतिकार के पकड़े जाने से थोड़ी हतासा इनमें जरूर आयी है, लेकिन इतना मुनाफा है कि इसकी भरपाई जल्द कर लेंगे.
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