Advocate Rakesh Kumar Singh: नीतीश कुमार का राज्यसभा रुख, क्या बिहार में बीजेपी का होगा मुख्यमंत्री?

Published by : Pritish Sahay Updated At : 05 Mar 2026 8:33 PM

विज्ञापन

नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल किया नामांकन

Advocate Rakesh Kumar Singh: बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़ आया है क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है. दो दशक तक राज्य की सत्ता संभालने के बाद यह कदम नए सियासी समीकरणों का संकेत देता है. भाजपा की संभावनाएं बढ़ी हैं, और राज्य की सत्ता में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है.

विज्ञापन

Advocate Rakesh Kumar Singh: बिहार की राजनीति आम तौर पर धीरे-धीरे बदलती है, लेकिन कुछ फैसले ऐसे भी होते हैं जो पूरे राजनीतिक माहौल को नई दिशा दे देते हैं. मुख्यमंत्री नीतिश कुमार (Nitish Kumar) का राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करना भी ऐसा ही एक अहम मोड़ माना जा रहा है. करीब दो दशकों तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में गठबंधन की राजनीति को संभालते हुए प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने की कोशिश की. सड़क, बिजली और कानून-व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में उनके दौर में कई बदलाव देखने को मिले. हालांकि लोकतंत्र में समय के साथ नेतृत्व बदलना स्वाभाविक प्रक्रिया है, और इससे नई पीढ़ी के नेताओं के लिए जगह भी बनती रहती है.

इसी बीच बिहार में बीजेपी (Bharatiya Janata Party) का राजनीतिक विस्तार भी लगातार दिखाई दिया है. पिछले कुछ वर्षों में पार्टी ने अपने संगठन को मजबूत किया है और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का नेटवर्क बढ़ाया है. केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में चल रही सरकार की योजनाओं और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की मजबूत स्थिति का असर बिहार की राजनीति पर भी पड़ा है. यही वजह है कि आज राज्य की राजनीति में भाजपा पहले से अधिक प्रभावशाली भूमिका में दिखाई दे रही है.

नीतीश कुमार के राज्यसभा की ओर रुख करने से सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बन सकता है. अगर ऐसा होता है तो राज्य की सत्ता के समीकरणों में एक नया बदलाव देखने को मिल सकता है. सियासी हलकों में सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) और नित्यानंद राय (Nityanand Rai) जैसे नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर लिए जा रहे हैं, हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और एनडीए की रणनीति के अनुसार ही होगा.

दरअसल, यह बदलाव केवल मुख्यमंत्री के चेहरे तक सीमित नहीं माना जा रहा. भाजपा लंबे समय से “डबल इंजन सरकार” की बात करती रही है, यानी केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन होने से विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में सहूलियत मिलती है. अगर बिहार में भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनती है, तो इस तालमेल को और मजबूत करने की कोशिश की जा सकती है.

बिहार की राजनीति लंबे समय तक जातीय और सामाजिक समीकरणों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन अब लोगों की अपेक्षाएं भी बदल रही हैं. विकास, रोजगार, उद्योग और बेहतर बुनियादी ढांचा जैसे मुद्दे धीरे-धीरे राजनीति के केंद्र में आ रहे हैं. ऐसे में आने वाला समय यह तय करेगा कि नई राजनीतिक परिस्थितियां इन उम्मीदों को कितनी मजबूती से आगे बढ़ा पाती हैं.

कुल मिलाकर देखा जाए तो नीतीश कुमार का राज्यसभा की ओर जाना किसी युग के अचानक अंत जैसा नहीं है, बल्कि इसे बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह बदलाव राज्य की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है, लेकिन इतना जरूर है कि बिहार की सियासत अब एक नई कहानी लिखने के मुहाने पर खड़ी है.

एडवोकेट राकेश कुमार सिंह, चेयरमैन- भारत उत्थान संघ, खाना चाहिए फाउंडेशन, महाराणा प्रताप फाउंडेशन
विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन