बिहार में अग्रणी के आठ प्रोजेक्टों का रजिस्ट्रेशन रद्द, ग्राहकों के लौटाने होंगे 100 करोड़

Updated at : 28 Aug 2021 8:56 AM (IST)
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बिहार में अग्रणी के आठ प्रोजेक्टों का रजिस्ट्रेशन रद्द, ग्राहकों के लौटाने होंगे 100 करोड़

बिहार रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने अग्रणी होम्स प्राइवेट लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई की है. रेरा ने एक दिन में ही एक-एक कर आठ आदेश जारी कर अग्रणी होम्स के आठ प्रोजेक्टों के रजिस्ट्रेशन को रद्द कर दिया.

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पटना. बिहार रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने अग्रणी होम्स प्राइवेट लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई की है. रेरा ने एक दिन में ही एक-एक कर आठ आदेश जारी कर अग्रणी होम्स के आठ प्रोजेक्टों के रजिस्ट्रेशन को रद्द कर दिया. इसके साथ ग्राहकों को लगभग 10% ब्याज के साथ पैसा लौटाने का निर्देश दिया गया है.

इस तरह इन प्रोजेक्टों के करीब 200 ग्राहकों के 100 करोड़ रुपये लौटाने होंगे.रेरा ने अपने आदेश में कहा है कि लगातार कई सुनवाई में अग्रणी होम्स के डायरेक्टर आलोक कुमार शामिल नहीं हुए. कई आदेशों के बावजूद अग्रणी होम्स की ओर से कोई संबंधित कागजात नहीं दिखाया गया और न ही ग्राहकों के पैसे लौटाये गये.

दरअसल, अग्रणी होम्स के निदेशक आलोक सिंह बीते डेढ़ वर्ष से रेरा की सुनवाई में शामिल नहीं हो रहे हैं. रेरा ने पहले भी अग्रणी होम्स के आठ प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन को रद्द किया था. अब शेष आठ प्रोजेक्ट- हाइवे सिटी, शिव ध्यान, आइओबी (एम टू क्यू), आइओबी (आर टू यू), गैैलेक्सी सीएंडडी, पीजी वन, पीजी टू और डालफिन सिटी का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है.

सभी 16 प्रोजेक्टों को मिला कर लगभग 200 ग्राहकों के 400 करोड़ रुपये अग्रणी होम्स को लौटाने हैं. अभी जिन आठ प्रोजेक्टों का रजिस्ट्रेशन रद्द हुआ है. इसमें लगभग 200 ग्राहकों के 100 करोड़ फंसे हुए हैं. गौरतलब है कि अग्रणी होम्स के खिलाफ 100 से अधिक शिकायतें रेरा में रजिस्टर्ड हुई हैं.

पल्लवी राज के प्रोजेक्टों के रजिस्ट्रेशन के आवेदन खारिज

रेरा ने पल्लवी राज कंस्ट्रक्शन के तीन अपार्टमेंट प्रोजेक्टों के रेरा रजिस्ट्रेशन के आवेदनों को खारिज करते हुए ग्राहकों से लिये गये करोड़ों रुपये काे ब्याज समेत लौटाने का निर्देश दिया है. 26 अगस्त को जारी आदेश में रेरा ने कहा है कि प्रोजेक्ट गोवा सिटी, मुंबई रेसिडेंसी और बॉलीवुड रेसिडेंसी के रेरा रजिस्ट्रेशन के आवेदनों को खारिज किया जाता है.

पल्लवी राज कंस्ट्रक्शन कंपनी के डायरेक्टर संजीव कुमार श्रीवास्तव को आदेश दिया जाता है कि 60 दिनों में ग्राहकों के पैसे सूद समेत वापस किया जाये. इनमें एक प्रोजेक्ट पटना सिटी, जबकि अन्य प्रोजेक्ट दानापुर क्षेत्र के हैं.

रेरा ने आदेश में कहा है कि बिल्डर ने प्रोजेक्टों के नक्शों को स्वीकृत नहीं कराया है. इसके आवेदनों के साथ लगे कागजात में कई अन्य विसंगतियां मिलीं. तीनों प्रोजेक्टों को लेकर जारी आदेशों की अलग-अलग कॉपी बिल्डर को भेजी गयी है.

ग्राहकों से 6.13 करोड़ की वसूली

रेरा के वरीय सदस्य आरबी सिन्हा ने बताया कि पल्लवी राज कंस्ट्रक्शन कंपनी सितंबर, 2018 में बनायी गयी थी, जबकि इसकी ओर से वर्ष 2016 में ही मुखिया स्तर पर पास नक्शे रेरा को दिये गये थे. इसके अलावा उन नक्शे का भी कंपनी ने नवीनीकरण नहीं करवाया है.

वहीं, कंपनी ने मार्च, 2020 में अपना हिसाब दिया, जिसमें बताया गया है कि 65 से 70 ग्राहकों से 2.80 करोड़ की राशि ली गयी. जबकि रेरा ने बीते आठ जुलाई को सुनवाई में यह पाया कि बिना रजिस्ट्रेशन किये ही ग्राहकों छह करोड़ 13 लाख 88 हजार 519 रुपये ग्राहकों से लिये, जो पूरी तरीके से अवैध है.

Posted by Ashish Jha

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