रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत बनी मिस्ट्री, बयान और आरोपों से सियासत तक हिली, अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा

Edited by Preeti Dayal
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प्रिंस यादव

Prince Yadav Death Case: ज्ञान बिंदु कोचिंग एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत मिस्ट्री बन गई है. प्रिंस की मौत किसी बीमारी से हुई या हत्या की गई, अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है. इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जमकर हो रही है. इन तमाम गतिविधियों के बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

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Prince Yadav Death Case: रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की हत्या हुई या किसी बीमारी से उनकी मौत हुई, यह सवाल अब तक बरकरार है. नेपाल के विराटनगर के एक होटल से संदिग्ध परिस्थिति में प्रिंस यादव की डेड बॉडी मिली थी. इसके बाद आरोप का सिलसिला चला. रौशन आनंद, जेजेडी सुप्रीमो तेज प्रताप यादव के अलावा कई नेताओं ने भी खान सर पर आरोप लगाया. जबकि खान सर ने खुद ही एक वीडियो जारी कर मामले में जांच की मांग की.

ऐसे में अब उनकी मौत मिस्ट्री बन गई है. प्रिंस यादव की तबीयत खराब कैसे हुई? किसी ने साजिश के तहत उनकी हत्या की? उन्होंने कोई दवा खाई या फिर कोई और भी कहानी है? इन तमाम सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पायेंगे. ऐसे में अब इंतजार पोस्टमार्टम रिपोर्ट का ही किया जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद बड़ा खुलासा पुलिस कर सकेगी.

सहरसा में किया गया प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार

सहरसा जिले में रौशन आनंद की मौजूदगी में प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था. प्रिंस यादव के परिजनों और गांव के लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी. पूरा माहौल गमगीन था. रौशन आनंद कहा था, हमारे भाई को दिन से ज्यादा रात पसंद था, इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि रात में है उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

रौशन आनंद का जेल से बाहर निकलने पर आरोप

ज्ञान बिंदु एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत के बाद कई बड़े आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा किया है कि उन्हें पहले एक सुनियोजित साजिश के तहत जेल भिजवाया गया और बाद में उनके भाई की हत्या कर दी गई. रौशन आनंद का कहना है कि उनके खिलाफ आपराधिक सोच के साथ पूरी योजना बनाई गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें नुकसान पहुंचाने और बर्बाद करने की कोशिश की गई.

रौशन आनंद ने दावा किया कि जेल में रहते समय उन्हें मारने की साजिश रची गई थी. उनका आरोप है कि खान सर के एक बॉडीगार्ड ने जेल के अंदर उनके खिलाफ साजिश बनाई थी. रौशन आनंद ने कहा था कि वे इस मामले को अंत तक लड़ेंगे. उन्होंने दावा किया था कि अगर निष्पक्ष जांच हुई तो सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी. खान सर को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा और उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.

खान सर ने प्रिंस की मौत पर क्या कहा था?

दूसरी तरफ खान सर ने प्रिंस यादव की मौत पर दुख जताया था. खान सर ने कहा था, एक पल के लिए विश्वास नहीं हुआ कि ऐसे कैसे हो गया. लेकिन न्यूज देखते ही पैर के नीचे से जमीन खिसक गई. यह समय कैसे करवट ले रहा है. किस स्थिति में समय चला गया. वीडियो देखने के बाद दिल दहल गया. किसी परिवार के लिए इससे कठिन दौर क्या हो सकता है. लेकिन मेरी संवेदना उनके साथ है. हमसे जो कुछ भी वो कहेंगे हम प्रयास करेंगे. हम हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं.

खान सर ने यह भी कहा था कि पुलिस अपना ऑफिशियल बयान जारी करे, जिससे स्पष्ट हो सके कि चीजें क्या हैं. साथ ही जल्द से जल्द पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए. इसमें कोई तीसरा इंसान इंवॉल्व लग रहा है. इसके लिए उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए. कोई तीसरा एंगल भी हो सकता है. जो भी दोषी पाए जायेंगे, उनमें से किसी एक को भी नहीं छोड़ा जाए. फांसी से नीचे इनके लिए कोई सजा नहीं है.

प्रिंस के दोस्तों ने बताया उस दिन क्या हुआ

सोशल मीडिया पर प्रिंस के दोस्तों का वीडियो वायरल हो रहा है. उस वीडियो में प्रिंस के दोस्त उस दिन क्या-क्या हुआ, इसके बारे में जानकारी दे रहे हैं. दोस्तों की माने तो, प्रिंस काफी समय से साइकियाट्रिक प्रॉब्लम से जूझ रहे थे और डिप्रेशन की दवाइयां ले रहे थे. शनिवार शाम करीब 6 बजे प्रिंस ने खाना खाया, अपनी दवा ली और सोने चले गए. दोस्तों को लगा कि सोने से उनका तनाव कम होगा.

यह भी बताया कि प्रिंस को गहरी नींद में छोड़कर वे लोग पास के इनरवा इलाके में घूमने चले गए थे. कमरे पर सिर्फ दो साथी, ललित और परजेस ही रुके थे. दोस्तों के जाने के कुछ देर बाद ही सोते समय प्रिंस की सांसें बहुत तेज चलने लगीं. कमरे में मौजूद साथियों ने घबराकर तुरंत बाकी दोस्तों को फोन किया.

फोन मिलते ही दोस्त भागे-भागे आए और बिना वक्त गंवाए एंबुलेंस से प्रिंस को पास के यूरो हॉस्पिटल ले गए. डॉक्टरों ने प्रिंस को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया. जब दोस्तों से पूछा गया कि क्या प्रिंस के साथ कोई मारपीट हुई थी? तो उन्होंने कहा कि वे प्रिंस के बेहद करीबी दोस्त हैं, वे ऐसा क्यों करेंगे.

राजनीतिक नेताओं ने भी दिए बयान

प्रिंस यादव की हत्या के बाद बिहार की सियासत में भी खूब हलचल देखने के लिए मिली. तेज प्रताप यादव ने एक मीडिया चैनल से बातचीत करते हुए खान सर पर आरोप लगाया था. तेज प्रताप ने कहा था, यह घटना बेहद दुखद है. इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी. अगर इसमें हम किसी पर इल्जाम लगायेंगे तो खान सर पर लगायेंगे, क्योंकि इन्होंने ही हत्या करवाई है.

तेज प्रताप इतने पर ही नहीं रुके. आगे उन्होंने यह भी भड़कते हुए कहा कि जो अपने ही आदमी को बोलकर गोली चलवा ले, वह हत्या क्यों नहीं करवा सकता. हमें पूरा यकीन और भरोसा है कि खान सर ने ही हत्या करवाई है और उन्हें जेल जाना चाहिए. इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी मामले में जांच की मांग की थी.

इधर, बीजेपी नेता नीरज कुमार बबलू ने खान सर को फ्रॉड बताया था. उन्होंने कहा था, ये उत्तर प्रदेश से बिहार में ठगने आया है. ये फ्रॉड है शिक्षक नहीं… ये फर्जीगिरी करता है. उन्होंने आगे यह भी कहा था, ये फैजल है कि अफजल है, कोई ठीक नहीं है. इसका पाकिस्तान से रिश्ता है, नेपाल से कनेक्शन है, ये फर्जी आदमी है.

इसके अलावा खान सर और रौशन आनंद मामले को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा था, कोचिंग के संचालक अपने मुख्य उद्देश्य से भटक गए हैं. पढ़ाई को छोड़ वे विवाद और गुटबाजी की राह पर चल दिए हैं. यह सरकार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले को लेकर सरकार गंभीर है. इस विवाद में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जा रहा है.

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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