राज्यसभा चुनाव : बीजेपी ने 3 राज्यों में नियुक्त किया सेंट्रल ऑब्जर्वर, बिहार की जिम्मेदारी किसे मिली

Updated at : 09 Mar 2026 12:59 PM (IST)
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Rajya Sabha Election 2026

नितिन नवीन

Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी रणनीति तेज कर दी है. पार्टी ने बिहार, हरियाणा और ओडिशा के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है. बिहार में चुनावी प्रबंधन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और एक केंद्रीय मंत्री को सौंपी गई है.

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Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है. 16 मार्च को होने वाले मतदान से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीतिक किलाबंदी तेज कर दी है.

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार, हरियाणा और ओडिशा जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के नामों का एलान कर दिया है. बिहार की कमान छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और एक केंद्रीय मंत्री के हाथों में सौंपी गई है.

राज्यसभा चुनाव: बिहार, हरियाणा और ओडिशा के लिए भाजपा ने नियुक्त किए सेंट्रल ऑब्जर्वर

16 मार्च को होगा राज्यसभा चुनाव

राज्यसभा चुनाव के तहत 16 मार्च को बिहार, हरियाणा और ओडिशा में मतदान होना है. इन राज्यों में राजनीतिक समीकरण काफी दिलचस्प माने जा रहे हैं. हरियाणा और ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी ने निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन दिया है, जबकि बिहार में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया है.

बिहार के लिए दो सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त

भाजपा नेतृत्व ने बिहार के लिए दो वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है. इनमें छत्तीसगढ़ सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा शामिल हैं. पार्टी का मानना है कि दोनों नेताओं का संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक समझ चुनावी प्रक्रिया को सुचारू ढंग से संचालित करने में मदद करेगा.

हरियाणा और ओडिशा के लिए भी तय हुई जिम्मेदारी

हरियाणा के लिए गुजरात सरकार के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है. वहीं ओडिशा में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. भाजपा नेतृत्व का कहना है कि इन नेताओं के अनुभव से चुनावी प्रबंधन मजबूत होगा.

रणनीति और अनुशासन पर रहेगा फोकस

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इन नियुक्तियों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया के दौरान पार्टी की रणनीति, समन्वय और अनुशासन को प्रभावी तरीके से लागू करना है.

इन राज्यों में मुकाबला काफी रोचक हो सकता है और क्रॉस वोटिंग की संभावना भी जताई जा रही है. ऐसे में पार्टी ने सेंट्रल ऑब्जर्वर की नियुक्ति कर चुनावी रणनीति को और मजबूत करने की कोशिश की है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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