ePaper

बढ़ते ठंड में रक्तचाप, हर्ट व ब्रेन स्ट्रोक का खतरा अधिक

Updated at : 27 Nov 2025 5:32 PM (IST)
विज्ञापन
बढ़ते ठंड में रक्तचाप, हर्ट व ब्रेन स्ट्रोक का खतरा अधिक

अस्पताल व निजी क्लिनिकों में बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी भीड़

विज्ञापन

अस्पताल व निजी क्लिनिकों में बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी भीड़

पूर्णिया. जिले में अब मौसम का पारा गिरने लगा है और शाम के बाद से लेकर सुबह तक वातावरण कूल कूल रहने लगा है. इस वजह से अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है. मौसम में बढ़ी ठंड ने बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक की स्वास्थ्य समस्याओं में इजाफा कर दिया है. सरकारी से लेकर निजी चिकित्सकों के यहां बड़ी संख्या में ठंड प्रभावित मरीज पहुंच रहे हैं. सुबह सवेरे मॉर्निंग वाक करने वालों पर भी ठंड का असर देखा जा रहा है. इन दिनों चिकित्सा नगरी लाईन बाजार का नजारा कुछ बदला बदला सा दिखने लगा है जिससे विभिन्न अस्पतालों में काफी संख्या में ठंड से प्रभावित बुजुर्ग और अधेड़ अपने परिजनों के साथ नजर आ रहे हैं. बच्चों में भी ठंड की वजह से सर्दी खासी के अलावा निमोनिया की शिकायतें बढ़ रही हैं. बच्चों में कफ के अलावा उल्टी और दस्त की शिकायतें भी आ रहीं हैं. दूसरी ओर कफ और बुखार की शिकायत में साधारण एंटीबायोटिक्स का भी असर कम दिख रहा है जबकि प्रभावित मरीजों को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने में सप्ताह भर का समय लग रहा है. राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भी दैनिक आधार पर ओपीडी में ठंड प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ गयी है.

एहतियात बरतने की सलाह

बढ़े ठंड की वजह से जीएमसीएच ओपीडी में उच्च रक्तचाप, शुगर एवं ह्रदय रोग से सम्बंधित मरीजों की संख्या बढ़ रही है. इस मामले में चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में अमूमन मानव शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं जिस वजह से शरीर में रक्त संचार प्रभावित होता है और ज़रा सा भी एक्सपोजर लगने से स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है. इनमें प्रभावित व्यक्ति को ब्रेन हैमरेज, हार्टअटैक और पक्षाघात भी हो सकते हैं. इस मौसम में जो भी हृदयरोगी या शुगर के मरीज हैं उन्हें सतर्क रहने की जरुरत है. अगर उच्च रक्तचाप की समस्या हो तो भोजन में नमक कम और अगर शुगर के पेशेंट हैं तो उन्हें चीनी से परहेज करने की जरुरत है. साथ ही वसा युक्त खाद्य पदार्थ के साथ साथ मिठाई, चावल, आलू वगैरह जिनसे शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ती हो उसका सेवन न करें.

रखें सावधानी

बीपी और शुगर के मरीज नियमित जांच और दवा लेते रहेंहमेशा गर्म कपड़ों से शरीर को ढकें.

भोजन और पानी गर्म ही सेवन करें.

अलाव, घूरे अथवा रूम हीटर वगैरह से अचानक बाहर न निकलें.

बाहर निकलते समय सिर, कान और नाक को भी ढकें.

सर्दी खांसी से प्रभावित व्यक्तियों से बच्चों को दूर रखें.

श्वांस सम्बन्धी परेशानी की स्थिति में चिकित्सक से सलाह जरुर लें.

बोले चिकित्सक

इन दिनों रक्तचाप और ह्रदय के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. ठंड के मौसम में स्ट्रोक की समस्या आती है. बीपी और शुगर के मरीजों को दवा हर रोज लेनी चाहिए. इन दोनों की जांच समय समय पर करवाना भी जरूरी है. फिलहाल ठंड से बचाव ही सुरक्षा है. खान पान में चिकित्सक की सलाह का अमल करना जरूरी है ताकि दोनों मामलों में मरीज सुरक्षित रहे.

डॉ विश्वनाथ झा, चिकित्सक, जीएमसीएच

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ARUN KUMAR

लेखक के बारे में

By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन