जन आस्था का अनोखा केंद्र है कसबा का श्री सिद्धिविनायक मंदिर, रविवार को सजता है बप्पा का विशेष दरबार, लगता है महाभंडारा

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 03 Jun 2026 11:09 AM

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सिद्धि विनायक मंदिर पूर्णिया

Siddhivinayak Temple: पूर्णिया जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कसबा के मुरारी टोल का श्री सिद्धिविनायक मंदिर पूरे सीमांचल में सनातनी आस्था का एक बड़ा प्रतीक बन चुका है. बुद्धि और विघ्नहर्ता भगवान गणेश के इस भव्य दरबार में हाजिरी लगाने वाले किसी भी भक्त की झोली खाली नहीं रहती, यही वजह है कि हर रविवार को यहाँ विशेष पूजन के साथ विशाल भंडारे का आयोजन होता है.

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पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट

Siddhivinayak Temple: आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक सहिष्णुता की भूमि पूर्णिया में एक ऐसा विख्यात देवस्थान है, जहां विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश साक्षात अपने भक्तों के कष्टों को हरने के लिए विराजमान हैं. पूर्णिया जिला मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर पूर्णिया-अररिया मुख्य मार्ग (NH-57) के दोनों तरफ बसे कसबा प्रखंड के मुरारी टोल में नवनिर्मित श्री सिद्धिविनायक मंदिर इन दिनों अजीब जन आस्था का केंद्र बना हुआ है. गणपति बप्पा के इस अलौकिक दरबार में न केवल पूर्णिया, बल्कि अररिया, कटिहार, किशनगंज और पड़ोसी देश नेपाल से भी भारी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं. धार्मिक मान्यता है कि जो भी भक्त यहाँ सच्चे मन से आकर बप्पा की चौखट पर शीश नवाता है, उसकी हर अधूरी मन्नत पूरी होती है और रिद्धि-सिद्धि के दाता उसकी झोली खुशियों से भर देते हैं.

हर रविवार को सजता है विशेष अनुष्ठान, लगता है भव्य महाभंडारा

श्री सिद्धिविनायक मंदिर की बढ़ती ख्याति और साप्ताहिक धार्मिक गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:

  • रविवार का विशेष महत्व: यूँ तो मंदिर में प्रतिदिन भक्तों की चहल-पहल रहती है, लेकिन प्रत्येक रविवार को यहाँ का नजारा बिल्कुल उत्सव जैसा होता है. रविवार के दिन सुबह से ही हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु कतारबद्ध होकर सुख, शांति और पारिवारिक समृद्धि की मन्नतें मांगने पहुंचते हैं.
  • महाभंडारे का आयोजन: रविवार को महाआरती के उपरांत मंदिर कमेटी और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों के सहयोग से बड़े पैमाने पर विशाल भंडारे (खिचड़ी व महाप्रसाद) का आयोजन किया जाता है, जिसमें अमीर-गरीब का भेद भूलकर हजारों श्रद्धालु बेहद श्रद्धाभाव से प्रसाद ग्रहण करते हैं.

लक्ष्मी और सरस्वती दोनों की कृपा से धन्य है कसबा का भूभाग

ज्ञान और समृद्धि की धरती: कसबा क्षेत्र की अपनी एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशिष्टता रही है. स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि कसबा की पावन धरती को आदिकाल से ही धन की देवी मां लक्ष्मी और ज्ञान की देवी मां सरस्वती, दोनों का एक समान वरदान प्राप्त है. यही कारण है कि यह इलाका न केवल व्यापार, व्यवसाय और धन-संपदा के मामले में अग्रणी है, बल्कि शिक्षा, उच्च पदों और बौद्धिक कौशल के क्षेत्र में भी यहाँ के युवाओं का कोई सानी नहीं है.

विख्यात सर्जन डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कराई थी भव्य मंदिर की स्थापना

प्रतिमा की दिव्यता और इतिहास:

मुरारी टोल स्थित इस सिद्धिविनायक मंदिर के गर्भगृह में बुद्धि के अधिष्ठाता देव भगवान गणेश की अत्यंत भव्य और दिव्य प्रतिमा प्रतिष्ठापित है. संगमरमर और विशेष कलाकृति से तराशी गई यह प्रतिमा अपनी आध्यात्मिकता और आकर्षण से यहाँ आने वाले हर आगंतुक को मंत्रमुग्ध कर देती है. श्रद्धालुओं का मानना है कि प्रतिमा के दर्शन मात्र से ही शरीर के भीतर एक सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का संचार होता है और जीवन की तमाम मानसिक व भौतिक बाधाएं दूर होने लगती हैं.

इस मंदिर के ऐतिहासिक निर्माण की पृष्ठभूमि भी बेहद प्रेरणादायी है. इस भव्य मंदिर की स्थापना पूर्णिया के सुप्रसिद्ध एवं वरिष्ठ शल्य चिकित्सक (Surgeon) डॉ. अनिल कुमार गुप्ता एवं उनकी धर्मपत्नी पिंकी गुप्ता के द्वारा अपनी निजी और लोक-कल्याणकारी प्रेरणा से कराई गई थी. मंदिर प्रशासन के पुजारियों के अनुसार, यहाँ प्रतिष्ठापित गणपति का स्वरूप अत्यंत शुभ और शांतिदायक है. गणेश चतुर्थी, दीपावली और सावन के पावन महीनों में इस पूरे परिसर को आकर्षक लाइटों और फूलों से दुल्हन की तरह सजाया जाता है, जिससे इसकी दिव्यता देखते ही बनती है.

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लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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