पूर्णिया में बारिश संग ठंडी बयार से मौसम हुआ खुशनुमा: झमाझम फुहारों के बीच 'मिनी दार्जिलिंग' सा अहसास

पूर्णिया का मौसम | Prabhat Khabar Network
पूर्णिया में रविवार की सुबह खुशनुमा मौसम के साथ हुई है. रिमझिम बारिश और ठंडी हवाओं ने तापमान गिरा दिया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है. शहर में 'मिनी दार्जिलिंग' जैसा अहसास है.
सीमांचल के प्रमुख जिले पूर्णिया में रविवार की सुबह मौसम के एक बेहद दिलकश और खुशनुमा मिजाज के साथ हुई है. तड़के सुबह से ही रुक-रुक कर हो रही रिमझिम बारिश और उसके साथ बह रही ठंडी पुरवा हवाओं ने पूरे शहर का तापमान गिरा दिया है. रविवार का साप्ताहिक अवकाश होने के कारण जहां कामकाजी लोगों को भागदौड़ से राहत मिली है, वहीं मौसम के इस बदले बदले मिजाज ने शहर के पारे को लुढ़काकर लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत पहुंचाई है.
आलसी मिजाज में डूबा शहर, चाय की चुस्कियों के साथ 'मिनी दार्जिलिंग' का स्वैग
रविवार की सुबह अमूमन देर से जागने वाले पूर्णिया के शहरवासियों के लिए आज की सुबह किसी तोहफे से कम नहीं रही:
- चैन की नींद सोए लोग: ठंडी हवाओं के कारण मौसम में आई सिहरन के चलते अधिकांश लोग सुबह देर तक चादर ताने चैन की नींद सोत नजर आए. दफ्तर या स्कूल-कॉलेज जाने की कोई हड़बड़ी न होने से रविवार का मजा दोगुना हो गया.
- चाय की आढ़त पर गपशप: जो लोग सुबह जल्दी जाग गए, वे अपने चिर-परिचित अंदाज में चौक-चौराहों और घरों की बालकनी में चाय की चुस्कियों के साथ मौसम का लुत्फ उठाते दिखे. शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं के बीच इस खुशनुमा मौसम को लेकर सोशल मीडिया पर भी 'मिनी दार्जिलिंग' में रहने का स्वैग और तस्वीरें जमकर साझा की जा रही हैं.
मौसम विभाग का पूर्वानुमान: पूरे हफ्ते उमड़ेंगे-घुमड़ेंगे काले मेघ
इस सुहावने मौसम के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों ने आम लोगों के उत्साह को और बढ़ा दिया है:
- सीमांचल में बारिश का अलर्ट: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्णिया समेत पूरे सीमांचल (कटिहार, अररिया और किशनगंज) के आसमान में मानसूनी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है.
- सप्ताह भर छाए रहेंगे बादल: आने वाले पूरे सप्ताह क्षेत्र में काले घने बादल उमड़ते-घुमड़ते रहेंगे और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर रुक-रुक कर जारी रहने की प्रबल संभावना है.
किसानों को अब भी है मूसलाधार बारिश की दरकार
भले ही रिमझिम फुहारों और ठंडी बयार ने शहरी क्षेत्र के लोगों को राहत दी हो, लेकिन कृषि कार्य से जुड़े ग्रामीण इलाकों के लोगों को अभी भी असंतोष है. वर्तमान में यह समय खेतों में धान की रोपनी (Paddy Transplantation) का चल रहा है.
किसानों का कहना है कि अभी तक उस स्तर की मूसलाधार बारिश नहीं हुई है जिससे खेत और शहर की सड़कें लबालब पानी से भर जाएं. धान की फसल के लिए खेतों में भारी मात्रा में पानी जमा होना अनिवार्य है. ऐसे में अन्नदाताओं की निगाहें आसमान पर टिकी हैं और वे आने वाले दिनों में जोरदार मानसूनी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं ताकि रोपनी के कार्य में और तेजी लाई जा सके.
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लेखक के बारे में
By अरुण कुमार
अरुण कुमार प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर के पूर्णिया कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.
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