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गेमिंग व गेम्बलिंग एप को प्रमोट कर पैसे कमाता था राकेश समेत उसके तीन नाबालिग दोस्त

Updated at : 19 Dec 2025 7:19 PM (IST)
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गेमिंग व गेम्बलिंग एप को प्रमोट कर पैसे कमाता था राकेश समेत उसके तीन नाबालिग दोस्त

24 घंटे के रिमांड पर लिये गिरफ्तार राकेश से पूछताछ में नया खुलासा

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– 24 घंटे के रिमांड पर लिये गिरफ्तार राकेश से पूछताछ में नया खुलासा

– मोतीहारी व मधुबनी से पकड़ाये दो नाबालिग को भेजा गया रिमांड होमपूर्णिया. साइबार फ्रॉड के जरिये करोड़ों रुपये अर्जित करने के मामले में गिरफ्तार मुफस्सिल थाना के डिमिया छत्रजान स्थित श्रीनगर सहनी टोला का राकेश मंडल को साइबर थाना पुलिस ने 24 घंटे के रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की. पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि राकेश कुमार एवं उसके अन्य तीन दोस्त गेमिंग एवं गेम्बलिंग एप को प्रमोट कर पैसे कमाता था. साइबर थानाध्यक्ष सह साइबर डीएसपी चंदन कुमार ठाकुर ने बताया कि राकेश की गिरफ्तारी के बाद ऑनलाइन दोस्त बने उसके दो नाबालिग दोस्तों को मोतीहारी एवं मधुबनी से पूछताछ के लिए पूर्णिया लाया गया. यहां दोनों से गहन पूछताछ के बाद उन्हें जेजे बोर्ड (जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड) भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि दोनों विधि विरूद्ध बालक से एक-एक आइफोन बरामद किया गया है. दोनों के आइफोन के जांच से पता चला कि वे दोनों क्रिप्टो करेंसी का ट्रेडिंग कर रहा था. जबकि गिरफ्तार राकेश को वेबसाइट बनाने का आइडिया इन्हीं दोनों ने दिया था. इसके बाद ही राकेश ने प्रोक्सी अर्थ डाट ओआरजी वेबसाइट बनाया. उन्होंने बताया कि राकेश गेमिंग एवं गेम्बलिंग जैसे प्रतिबंधित एप को अपने एक मिलियन (10 लाख) सब्सक्राइबर के द्वारा प्रमोट करता था. इन एप को प्रमोट करने पर उसे पैसा मिलता था. प्रमोट के बदले राकेश क्रिप्टो करेंसी में रुपये लेता था.

इस डर से नहीं मंगाता था भारतीय मुद्रा में पैसा

साइबर डीएसपी ने बताया कि भारतीय मुद्रा में रूपये मंगाने पर उसका बैंक एकाउंट फ्रीज होने का डर था. उन्होंने बताया कि मोतिहारी एवं मधुबनी से लाये गये दो विधि विरूद्ध बालक से पूछताछ एवं सत्यापन के उपरांत उसके साथ बरामद सामान को जब्त किया गया. दोनों से बयान लेने के बाद पुलिस ने बाल कल्याण पदाधिकारी को सौंप दिया है. जेजे बोर्ड ने दोनों की प्रस्तुति के बाद बाद उन्हें किशनगंज स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया है. उन्होंने बताया कि मोतीहारी से पूछताछ के लिए लाये गये नाबालिग के घर से 68000 रुपये नगद बरामद किया गया है. उसने अपने आइफोन के वॉलेट में मौजूद क्रिप्टो करेंसी को बेच दिया था. इसमें लगभग 15 लाख रुपये की आमदनी हुई थी.

एक साल से इस धंधे से जुड़ा था राकेश

साइबर डीएसपी ने बताया कि राकेश वर्ष 2024 से साइबर अपराध की दुनिया में प्रवेश किया और इसी दोरान उसने ऑनलाइन सपंर्क कर मोतीहारी, मधुबनी एवं एक अन्य को अपने साथ जोड़ा. बहरहाल साइबर पुलिस इस धंधे में शामिल चौथे शख्स की तलाश कर रही है. गौरतलब है कि पिछले दिनों गिरफ्तार युवक राकेश मंडल के खिलाफ प्रतिबंधित गेमिंग एप को प्रमोट करने और फर्जी वेबसाइट बनाकर अवैध धन अर्जित करने के आरोप में आइटी एक्ट एवं बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इसके साथ ही आरोपी के विरुद्ध द बेनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट 2019 एवं इंडियन टेली काम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धारा लगाये गये हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ARUN KUMAR

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ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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