पूर्णिया में झमाझम बारिश से उमस भरी गर्मी से मिली राहत, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 11 Jun 2026 10:44 AM

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पूर्णिया में बारिश

Purnia Weather Today: पूर्णिया जिले में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और उमस का दौर आखिरकार खत्म हो गया है. गुरुवार की सुबह आसमान में उमड़े काले बादलों ने झूमकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे पूरा जिला जलमग्न हो गया. मौसम में आए इस बड़े बदलाव को जहां मानसून की आहट माना जा रहा है, वहीं मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी कर दिया है.

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पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट

Purnia Weather Today: बिहार के सीमांचल क्षेत्र के प्रमुख जिले पूर्णिया में गुरुवार की सुबह मौसम का एक नया और खुशनुमा रूप देखने को मिला. पिछले कई दिनों से चिलचिलाती धूप, तपिश और उमस भरी रातों से बेहाल स्थानीय नागरिकों को सुबह होते ही बादलों की गड़गड़ाहट ने बड़ी राहत दी. सुबह करीब 8:00 बजते-बजते जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया. इस झमाझम बारिश के कारण पूरा वातावरण ‘कूल-कूल’ हो गया है और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, इस प्राकृतिक राहत के साथ ही नगर परिषद के दावों की पोल भी खुल गई है, क्योंकि शहर के कई प्रमुख चौराहों और निचले इलाकों में जलजमाव के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

आंधी और वज्रपात की चेतावनी; 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्णिया और इसके आस-पास के सीमावर्ती इलाकों के लिए अगले 24 से 48 घंटों की समय-सीमा को बेहद संवेदनशील घोषित किया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में बने चक्रवातीय दवाब के कारण जिले में मौसम का बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. विभाग ने विशेष रूप से वज्रपात (आकाशीय बिजली), तीव्र मेघ गर्जन और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली विनाशकारी तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आईएमडी ने आम नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को खुले खेतों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की कड़ा हिदायत दी है.

शहर में ‘पानी ही पानी’; मानसून की दस्तक से किसानों के चेहरे खिले

इस मानसूनी बारिश ने जहां एक तरफ आम शहरी उपभोक्ताओं के लिए जलजमाव और कीचड़ जैसी प्रशासनिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण अंचलों में खुशी की लहर दौड़ गई है. कई दिनों से सूखी पड़ी कृषि भूमि को इस वर्षा से नई जान मिली है. किसानों के मुताबिक, यह बारिश धान की नर्सरी (बिचड़ा) डालने और खरीफ फसलों के लिए समय से पहले आई संजीवनी है, जिससे सिंचाई के लिए डीजल का भारी खर्च बच जाएगा. मौसम विभाग का अनुमान है कि बादलों की यह सक्रियता अगले दो दिनों तक इसी तरह प्रभावी रहेगी, जिससे आने वाले दिनों में भी लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से पूरी तरह निजात मिली रहेगी.

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लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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