ePaper

मखाना उत्पादक संघ को मिला पादप जीनोम संरक्षक पुरस्कार

Updated at : 13 Nov 2025 7:40 PM (IST)
विज्ञापन
मखाना उत्पादक संघ को मिला पादप जीनोम संरक्षक पुरस्कार

पूर्णिया

विज्ञापन

पूर्णिया. बीते 12 नवम्बर को पौधा किस्म और कृषि अधिकार संरक्षण प्राधिकरण, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के स्थापना दिवस पर नई दिल्ली में ’पादप जीनोम संरक्षक समुदाय पुरस्कार 2022-23 के समारोह में देश भर के नवाचारी किसानों और समुदायों को सम्मानित किया गया. इस अवसर पर मिथिलांचल मखाना उत्पादक संघ पूर्णिया को मखाना जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए वर्ष 2022-23 हेतु प्रतिष्ठित जीनोम सेवियर कम्युनिटी अवार्ड से सम्मानित किया गया. यह पुरस्कार मिथिलांचल मखाना उत्पादक संघ पूर्णिया के अध्यक्ष बिनिता देवी, सचिव गणेश महथा, सदस्य शंकर भगवान पूर्वे एवं फेसिलेटेटर डॉ डी के महतो प्राचार्य, भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया. इसमें 10 लाख रुपये नगद एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया. गौरतलब है कि मखाना के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय कार्य हेतु बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मार्गदर्शन एवं सहयोग से यह सफलता प्राप्त हुई है. मिथिलांचल मखाना उत्पादक संघ पूर्णिया की अध्यक्ष बिनिता देवी ने इस सम्मान के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति डॉ. डी आर सिंह एवं निदेशक अनुसंधान डॉ. ए. के. सिंह के मार्गदर्शन एवं सतत सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया.उन्होंने बताया कि इस राशि को मखाना के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्द्धन के विकास एवं विस्तार के लिए विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशन में खर्च किया जाएगा. कुलपति डा. सिंह ने बिहार के किसानों और समुदाय को प्लांट जीनोम सेवियर अवार्ड 2022-23 प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई दी .उन्होंने कहा कि यह सम्मान हमारे किसानों की मेहनत एवं परंपरागत ज्ञान और जैव विविधता संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है. . यह उपलब्धि न केवल बिहार के लिए गौरव की बात है बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है. हमलोग मखाना को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्यरत एवं संकल्पित हैं. बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के निदेशक अनुसंधान-सह-मखाना विकास योजना (एमडीएस) के सीईओ डा. अनिल कुमार सिंह ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान किसानों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है. साथ ही उन्होंने इस क्षेत्र में कार्य करने वाले वैज्ञानिकों की भी प्रशंसा की. प्राचार्य डा दिलीप कुमार महतो, ने कहा कि यह पुरस्कार भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के निरन्तर प्रयासों का नतीजा है एवं मखाना को बढ़ावा देने के लिए आगे भी निरंतर प्रयासरत रहेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Abhishek Bhaskar

लेखक के बारे में

By Abhishek Bhaskar

Abhishek Bhaskar is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन