पूर्णिया में जमीन खरीदना हुआ महंगा, शहरी क्षेत्रों में दोगुना तो ग्रामीण इलाकों में 1.6 गुना बढ़ा सर्किल रेट

Edited by Shruti Kumari
Updated:
विज्ञापन

जिला निबंधन कार्यालय पूर्णिया

Land Registration Rate Hike: पूर्णिया में जमीन के MVR रेट में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. शहरी क्षेत्रों में सर्किल रेट दोगुना और ग्रामीण क्षेत्रों में 1.6 गुना बढ़ा. जानिए नए निबंधन शुल्क और नियमों की पूरी जानकारी.

विज्ञापन

पूर्णिया से रिपोर्ट:

Land Registration Rate Hike: पूर्णिया जिले में जमीन खरीदने और उसका निबंधन कराने वालों के लिए अब जेब और अधिक ढीली करनी पड़ेगी. लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नए एमवीआर (मिनिमम वैल्यू रजिस्ट्रेशन) रेट लागू कर दिए हैं. विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं.

नई व्यवस्था के तहत शहरी एवं निकाय क्षेत्रों में जमीन का एमवीआर रेट दोगुना कर दिया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह लगभग 1.6 गुना बढ़ाया गया है. इसके साथ ही जमीन की खरीद-बिक्री पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क और अन्य निबंधन शुल्क में भी उसी अनुपात में वृद्धि हो गई है.

उदाहरण के तौर पर यदि किसी शहरी क्षेत्र में जमीन का पूर्व निर्धारित एमवीआर मूल्य एक लाख रुपये प्रति डिसमिल था, तो अब उसकी वैल्यू बढ़कर दो लाख रुपये प्रति डिसमिल हो गई है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख रुपये प्रति डिसमिल मूल्य वाली जमीन का नया मूल्यांकन 1.60 लाख रुपये प्रति डिसमिल होगा. इसी आधार पर अब निबंधन शुल्क का निर्धारण किया जाएगा.

10 और 13 साल बाद हुई दरों में बढ़ोतरी

जिला अवर निबंधक उमा शंकर मिश्रा ने बताया कि शहरी एवं निकाय क्षेत्रों में अंतिम बार एमवीआर दरों का निर्धारण करीब 10 वर्ष पहले किया गया था, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 13 वर्ष पूर्व यह प्रक्रिया हुई थी. लंबे अंतराल के बाद अब जमीन की बाजार कीमतों को ध्यान में रखते हुए नए सर्किल रेट तय किए गए हैं.

अप्रैल से ही बढ़ गई थी निबंधन कराने वालों की भीड़

संभावित शुल्क वृद्धि की आशंका के कारण अप्रैल माह से पहले ही निबंधन कार्यालयों में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी थी. खासकर 31 मार्च को बजट सत्र के अंतिम दिन बड़ी संख्या में लोग पुराने दर पर जमीन का निबंधन कराने पहुंचे थे.

सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन 150 से 200 निबंधन होते थे, वहीं मार्च के अंतिम दिनों में यह संख्या बढ़कर 350 प्रतिदिन तक पहुंच गई थी. लोग बढ़े हुए शुल्क से बचने के लिए जल्द से जल्द निबंधन कराने में जुटे हुए थे.

हर साल स्वतः बढ़ेगा 5 प्रतिशत रेट

विभाग ने नई व्यवस्था में यह भी प्रावधान किया है कि अब एमवीआर दरों में प्रतिवर्ष स्वतः 5 प्रतिशत की वृद्धि होगी. इसके अलावा हर तीन वर्ष बाद दरों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किया जाएगा.

जिला अवर निबंधक उमा शंकर मिश्रा ने बताया कि अब जिले में सभी प्रकार के निबंधन कार्य नई दरों के अनुसार ही किए जाएंगे. उनका कहना है कि नए मूल्यांकन से जमीन अधिग्रहण, ऋण प्राप्ति और राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा विकास कार्यों के लिए भूमि उपलब्ध कराने में भी सहूलियत होगी.

बढ़े शुल्क का सीधा असर खरीदारों पर

नई दरें लागू होने के बाद जमीन खरीदने वाले लोगों को निबंधन के लिए पहले की तुलना में अधिक राशि खर्च करनी होगी. हालांकि विभाग का मानना है कि वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप एमवीआर तय होने से राजस्व संग्रह बढ़ेगा और भूमि से जुड़े लेनदेन अधिक पारदर्शी बनेंगे.

विज्ञापन
Shruti Kumari

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन