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सिरिंज व निडिल के इंतजार में रुका है पशुओं में एफएमडी का टीकाकरण अभियान

Updated at : 19 Feb 2026 5:39 PM (IST)
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सिरिंज व निडिल के इंतजार में रुका है पशुओं में एफएमडी का टीकाकरण अभियान

10 लाख से ज्यादा मवेशियों का किया जाना है वैक्सीनेशन

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10 लाख से ज्यादा मवेशियों का किया जाना है वैक्सीनेशन

पूर्णिया. मवेशियों में होने वाली गंभीर वायरल बीमारी फुट एंड माउथ डिजीज (एफएमडी) से उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा चलाया जानेवाला टीकाकरण अभियान जिले में सिरिंज और निडिल के आने के इन्तजार में अटका हुआ है. जबकि इसकी वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी गयी है. मालूम हो कि प्रत्येक वर्ष सरकार पशुओं में होने वाली विभिन्न संक्रामक बीमारियों से उन्हें बचाने के लिए पंचायत स्तर पर पशुपालकों के घर घर जाकर उनका टीकाकरण करवाती है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के 10 लाख 10 हजार 300 पशुओं को एफएमडी वैक्सीन दी जानी है. वहीं जिला पशुपालन पदाधिकारी बताते हैं कि पशुओं में एफएमडी रोग के खिलाफ टीकाकरण अभियान की शुरुआत जिले में की जा चुकी है और तीन प्रखंडों के. नगर, बनमनखी तथा भवानीपुर में पूर्व से संरक्षित रखे एफएमडी वैक्सीन की डोज़ 38 हजार 300 पशुओं को दिए जा चुके हैं साथ ही शेष के लिए वैक्सीन की खेप उपलब्ध हो चुकी है अब इन्तजार है सिरिंज और निडिल के आने का. उन्होंने जल्द ही विभाग द्वारा सिरिंज और निडिल उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद जतायी.

क्या है एफएमडी रोग

एफएमडी खुर वाले पशुओं में होनेवाला वायरस जनित एक गंभीर रोग है. यह संक्रामक रोग की श्रेणी में आता है और बीमार पशु के द्वारा स्वस्थ्य पशुओं में भी इसके फैलने की संभावना रहती है. यह संपर्क के अलावा दूषित पानी, चारा, हवा और पशु उत्पादों के माध्यम से फैलता है. इस रोग में पशु के मुंह में छाले जीभ, होंठ, मुंह, खुरों के बीच घाव के साथ साथ बुखार और लंगड़ापन की शिकायत आ जाती है जिसका दूध उत्पादन पर व्यापक असर पड़ता है. प्रभावित पशुओं को अन्य स्वस्थ पशुओं से अलग रखते हुए उनका लगातार इलाज किया जाता है. इससे पशुओं की सुरक्षा के लिए उनका एफएमडी टीकाकरण करवाना जरुरी है.

बोले पदाधिकारी

जिले के तीन प्रखंडों में पहले से संरक्षित रखे एफएमडी वैक्सीन की डोज़ 38 हजार से ज्यादा पशुओं को दिए जा चुके हैं. शेष के लिए वैक्सीन उपलब्ध है. सिरिंज और निडिल के आते ही संभवतः आखिरी फरवरी तक वैक्सीनेशन का कार्य शुरू हो जाएगा. इसके लिए पूरे जिले में 340 टीकाकर्मी चयनित हैं. सभी नोडल पदाधिकारियों को जन जागरूकता अभियान और प्रचार प्रसार के लिए कहा गया है. इसके बाद लम्पी वायरस और ब्रुस्लोसिस के खिलाफ टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा.

डॉ. चंद्रशेखर आजाद, जिला पशुपालन पदाधिकारी

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ARUN KUMAR

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By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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