मानव बलों के नियमितिकरण के लिए कंपनी बनाये ठोस नीति : यूनियन

Updated at : 25 Aug 2024 6:37 PM (IST)
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मानव बलों के नियमितिकरण के लिए कंपनी बनाये ठोस नीति : यूनियन

इलेक्ट्रिक वर्कर्स यूनियन का द्विवार्षिक राज्य सम्मेलन संपन्न

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बिहार स्टेट प्रोग्रेसिव इलेक्ट्रिक वर्कर्स यूनियन का द्विवार्षिक राज्य सम्मेलन संपन्न पूर्णिया. बिहार स्टेट प्रोग्रेसिव इलेक्ट्रिक वर्कर्स यूनियन का द्विवार्षिक राज्य सम्मेलन स्थानीय कलाभवन में संपन्न हुआ. सम्मेलन में मुख्य रूप से विधायक विजय खेमका मौजूद थे. इस अवसर पर सम्मेलन में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नरेश राय एवं मृगांशु शेखर को महामंत्री निर्वाचित किया गया. इसके अलावा अजीत कुमार को उप महामंत्री एवं हरेराम कुमार को सचिव पद के लिए निर्वाचित किया गया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि बिहार सरकार के द्वारा हर घर बिजली देने की योजना सराहनीय है. यह कार्य विभाग के अधिकारी शत-प्रतिशत लागू करने में जुटे हुए हैं. उन्होंने कहा बिहार स्टेट प्रोग्रेसिव इलेक्ट्रिक वर्कर्स यूनियन विभाग के कर्मचारियों की हित की बात करने वाला संगठन है. मौके पर संघ के अध्यक्ष नरेश राय ने कहा कि सरकार के मानक के अनुरूप हमलोग काम करने के लिए हर समय तैयार हैं. लेकिन विद्युत् परिवार के सबसे बड़ी समस्या जो मानव बलों को लेकर है. मानव बल अपने जान पर खेल कर दिन रात लगे रहते हैं. लेकिन जो पारिश्रमिक इन मानव बलों को मिलता है, वह कहने योग्य नहीं है. एक नियमित माली, चपरासी का वेतन भी चालीस हजार से उपर है. जबकि इन मानव बल का वेतन 10000 रुपये से भी कम है. इस 10000 में ही इन्हें घर का किराया देना है. बच्चों की फीस देनी है. राशन का प्रबंध करना है. बीमारी का खर्च देखना है. उन्होंने मानव बल कर्मियों के नियमितीकरण का नीति निर्धारण किये जाने की मांग की. तत्काल उनके वेतन आदि सुविधा हेतु महाप्रबंधक (मानव संसाधन एवं प्रशासन), एनबीपीडीसीएल के अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट प्राप्त कर समान कार्य हेतु समान वेतन की व्यवस्था की जाय. अगर विद्युत् कंपनी में कोई सबसे आवश्यक प्रशासनिक कार्य है, तो यह इन मानव बलों का सेवा सुधार है. ये सभी मानव बल स्थायी प्रकृति का स्थायी कर्मियों के स्थान पर कार्य कर रहें हैं. कोई लाइनमैन का कार्य कर रहा है तो कोई स्वीच बोर्ड ऑपरेटर का. इसलिए स्थायी पदों पर इनका समायोजन होना ही चाहिए. कंपनी को इसके लिए नीति बनानी चाहिए. जब तक स्थायी नौकरी नहीं मिलती तब तक ”समान कार्य सामान वेतन” के सिद्धांत पर इन्हें सम्मानजनक वेतन दिया जाय और अन्य सुविधाएं दी जायें. उन्होंने ऊर्जा भत्ता बढ़ाने, केंद्र सरकार की भांति सेवा अवधि में मृत्यु होने की स्थिति में पारिवारिक पेंशन का लाभ प्रदान, रिक्त पदों पर नियुक्ति, कंपनी के कर्मियों को न्यूनतम 300 यूनिट मुफ्त बिजली, मुफ्त मेडिकल की सुविधा, पेंशनरों को भी मुफ्त बिजली की सुविधा सहित इक्कीस सूत्री मांगे पूरी करने का आग्रह किया. नवनियुक्त उप महामंत्री अजित कुमार ने आये हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया. इस मौके पर बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में विद्युत कर्मी मौजूद थे. फोटो:. 25 पूर्णिया 18- सम्मेलन में उपस्थित यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य अधिकारी.

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