चंदननगर दुर्गा मंदिर में विंध्यवासिनी स्वरूप के दर्शन, भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र
Published by : Shruti Kumari Updated At : 16 May 2026 9:37 AM
चंदननगर चौक पर स्थित दुर्गा मंदिर
यह मंदिर पूर्णिया शहरी क्षेत्र की सीमा पर स्थित है. हालांकि यहां दुर्गा पूजा की शुरुआत पहले दरगाह टोला क्षेत्र में हुई थी, जहां न तो स्थायी मंदिर था और न ही आज जैसी सुविधाएं मौजूद थीं. इसके बावजूद लोगों की आस्था में कोई कमी नहीं रही और हर वर्ष पंडाल सजाकर विधिवत पूजा-अर्चना की जाती थी.
पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट:
पूर्णिया: शहर के गुलाबबाग स्थित बागेश्वरी स्थान के चंदननगर चौक पर स्थित दुर्गा मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है. यहां भक्तों को देवी के विंध्यवासिनी स्वरूप के भव्य दर्शन प्राप्त होते हैं, जिसके साथ ही लोग दिन की शुरुआत श्रद्धा भाव से करते हैं.
यह मंदिर पूर्णिया शहरी क्षेत्र की सीमा पर स्थित है. हालांकि यहां दुर्गा पूजा की शुरुआत पहले दरगाह टोला क्षेत्र में हुई थी, जहां न तो स्थायी मंदिर था और न ही आज जैसी सुविधाएं मौजूद थीं. इसके बावजूद लोगों की आस्था में कोई कमी नहीं रही और हर वर्ष पंडाल सजाकर विधिवत पूजा-अर्चना की जाती थी.
करीब ढाई दशक पहले यह पूजा चंदननगर चौक स्थानांतरित हो गई, जहां बाद में स्थायी मंदिर का निर्माण कराया गया. यहां बनारस से लाई गई देवी प्रतिमा की प्रतिष्ठापना की गई, जिसके बाद से यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया.
विंध्यवासिनी देवी के इस मंदिर में केवल देवी दुर्गा ही नहीं, बल्कि भगवान शिव, भगवान हनुमान और भगवान गणेश भी विराजमान हैं, जिससे एक ही स्थान पर भक्त सभी देवताओं के दर्शन कर पाते हैं.
मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, विशेषकर आरती के समय बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं. इसके अलावा शाम के समय नियमित रूप से भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जाता है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










