पूर्णिया के अमौर में बाढ़ से ज्यादा नदी कटाव का डर, कनकई किनारे घर छोड़ने को मजबूर हो रहे ग्रामीण

नदी के कटाव का फोटो.
Kankai River Erosion : कनकई नदी के उग्र रूप ने पूर्णिया के अमौर में हाहाकार मचा दिया है. लगातार हो रहे कटाव से नगरा टोल सीमालबारी और मोदी टोला के सैकड़ों घर खतरे में हैं. ग्रामीण अपने आशियाने बचाने के लिए पलायन को मजबूर हैं.
Kankai River Erosion : पूर्णिया जिले के अमौर प्रखंड के पूर्वी हिस्से से बहने वाली कनकई नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से ज्ञानडोभ पंचायत के नगरा टोल सीमालबारी और मोदी टोला में कटाव तेजी से बढ़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बाढ़ से ज्यादा डर अपने आशियाने उजड़ने का है. नदी की तेज धारा लगातार जमीन काट रही है और कई घर खतरे की जद में पहुंच चुके हैं.
पानी प्लांट और आंगनबाड़ी केंद्र भी खतरे में
कटाव का दायरा अब सरकारी परिसंपत्तियों तक पहुंच गया है. नगरा टोल सीमालबारी स्थित पानी प्लांट और आंगनबाड़ी केंद्र भी नदी के कटाव की जद में आ चुके हैं. इसके अलावा दर्जनों आवासीय मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है. जल संसाधन विभाग की एसडीओ रेणु कुमारी ने बताया कि जल्द ही स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
अपने ही हाथों घर तोड़ने को मजबूर परिवार
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई परिवार अपने घरों को स्वयं तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को विवश हैं. प्रभावित लोग रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि हर पल यह डर बना रहता है कि कहीं अगली बारिश में नदी उनका बचा-खुचा घर भी न बहा ले जाए.
नाव ही बनी जीवनरेखा
करीब एक हजार की आबादी वाला नगरा टोल सीमालबारी और मोदी टोला चारों ओर से नदी से घिरा हुआ है. यहां आने-जाने का एकमात्र साधन नाव है. ग्रामीण भाग गुंजर घाट से नाव के सहारे प्रखंड मुख्यालय और अन्य स्थानों तक पहुंचते हैं. बढ़ते जलस्तर और कटाव के कारण यह सफर भी अब जोखिम भरा हो गया है.
हर साल बढ़ता है कटाव, बेअसर साबित हुए बचाव कार्य
जिला परिषद प्रतिनिधि अफरोज आलम और समाजसेवी मुनाजिर आलम ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी कनकई नदी तेजी से जमीन काट रही है. ग्रामीण मोईदुर रहमान, अबु दरदा, मोहिब उद्दीन, इरशाद आलम, अंजार आलम, साहिब आलम, मुन्ना मुस्ताक, रुखसाना और आदिल ने बताया कि कुछ दिन पहले विभाग द्वारा कराए गए कटाव निरोधक कार्य तेज धारा के सामने टिक नहीं सके. उनका कहना है कि सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं.
स्थायी समाधान के रूप में पक्का बांध बनाने की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और बिहार सरकार से कनकई नदी के किनारे मजबूत पक्का तटबंध बनाने की मांग की है. उनका कहना है कि अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान संभव नहीं है. यदि समय रहते स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले वर्षों में नगरा टोला, सीमालबारी और मोदी टोला का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है.
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