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बिहार-नेपाल बॉर्डर से प्रभात खबर की पड़ताल: मायागंज चौकी से नेपाली अफसर और जवान फरार, जनता परेशान

Updated at : 10 Sep 2025 5:34 PM (IST)
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बिहार-नेपाल बॉर्डर पर तैनात भारतीय जवान
बिहार-नेपाल बॉर्डर पर तैनात भारतीय जवान

बिहार: नेपाल में जारी आंदोलन के बीच नेपाल की सेना या पुलिस का कोई भी जवान सीमा पर नजर नहीं आ रहा है. हालांकि भारत की ओर बिहार पुलिस और केंद्रीय बलों के अधिकारी और जवान लगातार पहरे पर हैं. दोनों तरफ से आने जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. पूरी तरह से जांच करने के बाद ही लोगों को आगे जाने की परमिशन दी जा रही है.

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बिहार, अररिया, मृगेंद्र मणि सिंह: बिहार-नेपाल कुआड़ी सीमा पर मायागंज चौकी से जवान व कर्मी फरार हैं. नेपाल के लोगों को अब उन्हें खुद की चिंता सता रही है. बुधवार को जब प्रभात खबर की टीम ने सीमा सुरक्षा बलों की इजाजत लेकर नेपाल सीमा में प्रवेश किया तो सीमा पर मौजूद लोगों के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही थी. नेपाल सीमा पर मौजूद नेपाल एपीएफ की चौकी पूरी तरह खाली थी, जबकि मायागंज कस्टम कार्यालय बंद पड़ा था, वहां से भी कर्मी नदारद थे. जबकि नेपाली मूल के लोगों के चेहरे पर दहशत साफ झलक रहा था.

नेपाल सीमा पर भारतीय अफसर तैनात

नेपाल में जारी आंदोलन के बीच नेपाल की सेना या पुलिस की कोई भी जवान सीमा पर नजर नहीं आ रहे हैं. जो काफी परेशान करने वाला है. ऐसे में उपद्रवी के भेष में कोई भी अराजक तत्व नेपाल में अशांति फैला सकता है. जिससे भारतीय सीमा भी महफूज नहीं मानी जा सकती है. हालांकि भारतीय अफसर और जवान पूरी मुस्तैदी के साथ बॉर्डर पर तैनात हैं.

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आंदोलनकारियों की आवाज सुन कर लगता है डर: नेपाली 

आंदोलनकारियों की आवाज सुनने के बाद हीं घरों में कैद हो जाते हैं, डर लगता है कोई कुछ कर नहीं दें. यह बातें भारत-नेपाल सीमा के कुआड़ी सीमा पर अवस्थित मायागंज निवासी महिला सरीता पासवान ने कहीं. उन्होंने कहा कि नेपाल में डाल लगता है वहीं भारत भी नहीं जा सकते हैं क्योंकि एसएसबी जाने नहीं दे रहे हैं. नेपाल पुलिस व एपीएफ के जवान भी भाग गये हैं, कस्टम भी खाली है. अभी तस्करी की चिंता तो दूर जान बचाना भी मुश्किल है. (प्रभात खबर के लिए अररिया से मृगेंद्र मणि सिंह की रिपोर्ट)

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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