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Friday, March 1, 2024

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Pitru Paksha 2023: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पहुंचे गया, पितरों के लिए पत्नी के साथ किया पिंडदान

Pitru Paksha 2023: देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ गया पहुंचे. यहां इन्होंने पितरों के मोक्ष प्राप्ति के लिए अपनी पत्नी के साथ पिंडदान किया. विष्णुपद मंदिर के प्रांगण में उन्होंने अपने पितरों का पिंडदान किया.

Pitru Paksha 2023: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ गया पहुंचे. अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर बिहार सरकार के कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत, सांसद विजय मांझी, मगध प्रक्षेत्र के आईजी क्षत्रनिल सिंह, मगध प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े, जिलाधिकारी डॉ. त्याग राजन एसएम ने उनका भव्य स्वागत किया. एयरपोर्ट पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. गया शहर के विष्णुपद मंदिर के प्रांगण में उन्होंने अपने पितरों का पिंडदान किया. इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए. लगभग 12:30 बजे नालंदा विश्वविद्यालय के लिए जगदीप धनकड़ रवाना हुए. बता दें कि आज विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2023 का दूसरा दिन है और इस दिन पिंडदान करने का अपना खास महत्व है. इस मौके पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ गया पहुंचे. यहां उन्होंने पितरों के लिए पत्नी के साथ पिंडदान किया.

विष्णुपद मंदिर का उपराष्ट्रपति ने किया भ्रमण

गया में उपराष्ट्रपति ने विष्णुपद मंदिर का दौरा किया. साथ ही उन्होंने अपने पूर्वजों की मोक्ष प्राप्ति के लिए गयाजी के विष्णुपद मंदिर परिसर में पत्नी के साथ मिलकर पिंडदान तर्पण किया. उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर गया में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे. पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आई. गया के बाद उपराष्ट्रपति का नालंदा जाने का कार्यक्रम है. यहां अंतर्राष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय में छात्रों और प्रोफेसर से वह मुलाकात करेंगे.

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उपराष्ट्रपति ने पत्नी के साथ पूर्वजों के लिए किया पिंडदान

विष्णुपद मंदिर में उपराष्ट्रपति और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ ने अपने पितरों के मोक्ष के लिए पूजा-अर्चना की. जगदीप धनखड़ ने विष्णुपद मंदिर परिसर में अपने पितरों के लिए पत्नी संग पिंडदान तर्पण किया और उनकी मोक्ष की कामना की. जगदीप धनखड़ शुक्रवार सुबह 10.30 के बाद बिहार के दौरे पर पहुंचे. उपराष्ट्रपति सुबह हेलीकॉप्टर से गया हवाई अड्डे पर पहुंचे. राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर और बिहार के कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया. उपराष्ट्रपति वहां से सड़क मार्ग से विष्णुपद मंदिर पहुंचे. उपराष्ट्रपति की यात्रा के मद्देनजर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का इतंजाम किया गया था. साथ ही ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी की गई.

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गयाजी में 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना

बता दें कि बिहार के गया में पितृपक्ष मेला 2023 की शुरुआत हो चुकी है. इस साल मेले में 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई गई है. कई लोग यहां पिंडदान कर रहे हैं. इसी बीच देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी गया पहुंचे. यहां उन्होंने अपने पितरों के लिए पिंडदान किया. उपराष्ट्रपति का नालंदा में भी कार्यक्रम है. जगदीप धनखड़ नालंदा में स्थित विश्वविद्यालय का भ्रमण करेंगे. वहीं, मालूम हो कि हिंदू धर्म में पितृपक्ष को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. भाद्रपद माह के पूर्णिमा से अश्विन माह की अमावस्या तक के इन 15 दिनों में लोग पितरों को प्रसन्न करने श्राद्ध तर्पण आदि करते हैं. पितृपक्ष में ब्राह्मणों को भोजन करने का विशेष महत्व है, जिसके लिए शास्त्र में नियम भी बताए गए हैं.

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16 दिन की अवधि में पूर्वजों का पिंडदान

वहीं, पितृ पक्ष के 16 दिन की अवधि में पूर्वजों का निमित्त पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म होता है. पितृ पक्ष के दौरान पितरों का श्राद्ध करने से जीवन में आने वाली बाधाएं, परेशानियां, व समस्या दूर हो जाती हैं. साथ ही पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. मान्यता है कि देवपूजा से पहले जातक को अपने पूर्वजों की पूजा करनी चाहिए. पितरों के प्रसन्न होने पर देवता भी प्रसन्न होते हैं. यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में जीवित रहते हुए घर के बड़े बुजुर्गों का सम्मान और मृत्योपरांत श्राद्ध कर्म किया जाता है. इसके पीछे यह मान्यता भी है कि यदि विधिनुसार पितरों का तर्पण नहीं किया जाये, तो उन्हें मुक्ति नहीं मिलती है. इसके अलावा उनकी आत्मा मृत्युलोक में भटकती रहती है. पितृपक्ष को मनाने का ज्योतिषीय कारण भी बताया जाता है. ज्योतिषशास्त्र में पितृ दोष को काफी अहम माना जाता है. इस कारण ही पितृदोष से मुक्ति के लिए भी पितरों की शांति आवश्यक होती है. वहीं, पितृ पक्ष मेले के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपनी पत्नी के साथ गया पहुंचे हैं और उन्होंने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया.

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