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प्रत्येक थाना स्तर पर एक पुलिस पदाधिकारी को ग्राम पंचायत के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया जायेगा : डीजीपी

Updated at : 21 Jun 2025 9:23 PM (IST)
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प्रत्येक थाना स्तर पर एक पुलिस पदाधिकारी को ग्राम पंचायत के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया जायेगा : डीजीपी

चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय पटना की ओर से स्थानीय शासन में पुलिस की भूमिका विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.

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सीएनएलयू : स्थानीय शासन में पुलिस की भूमिका पर आयोजित हुई कार्यशाला

फोटो है…..

संवाददाता, पटना

चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय पटना की ओर से स्थानीय शासन में पुलिस की भूमिका विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें बिहार की स्थानीय सरकार के लगभग 120 जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया. कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में स्वागत भाषण देते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव व पंचायती राज चेयर प्रोफेसर प्रोफेसर (डॉ) एसपी सिंह ने बिहार में पंचायती राज प्रणाली की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्वतंत्रता पूर्व काल से ही बिहार में स्थानीय शासन के लिए बिहार ओड़िशा ग्रामीण प्रशासन अधिनियम 1922 बना. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद बिहार प्रथम राज्य बना, जिसने बिहार पंचायती राज अधिनियम, 1947 की धारा 49 के अंतर्गत ग्राम कचहरी की अवधारणा को विधिक स्वरूप प्रदान किया. उन्होंने इंग्लैंड की पुलिस प्रशासन प्रणाली का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां दो प्रकार की व्यवस्थाएं थीं. एक उपनिवेश के लिए व दूसरी इंग्लैंड के नागरिकों के लिए जिसे ””बॉबी मॉडल”” कहा जाता है. ””बॉबी मॉडल”” जनसहभागिता आधारित सामुदायिक पुलिसिंग है जो आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए कार्यरत है. इस अवसर पर बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने अपने वक्तव्य में आश्वासन दिया कि प्रत्येक थाना स्तर पर एक पुलिस पदाधिकारी को ग्राम पंचायत के लिए नोडल अधिकारी नामित किया जायेगा. यह ग्राम पंचायत व ग्राम कचहरी के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करेगा. उन्होंने कहा कि जनता ही पुलिस है और पुलिस ही जनता है. यदि स्थानीय स्तर पर छोटे-मोटे अपराधों को प्रारंभिक अवस्था में ही नियंत्रित कर लिया जाये, तो राज्य में 80 प्रतिशत अपराधों का स्वतः निवारण संभव है. उन्होंने पंचायती राज चेयर प्रोफेसर से आग्रह किया कि पूर्व की भांति निरीक्षक व उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) स्तर के अधिकारियों को पंचायती राज प्रणाली की प्रभावी कार्यप्रणाली के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाये. पंचायती राज विभाग बिहार सरकार के निदेशक प्रशांत कुमार सीएच ने स्थानीय सरकार के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि पंचायती राज प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 8093 निम्नवर्गीय लिपिकों की नियुक्ति की जा रही है. उन्होंने बताया कि अब कोई भी सामान्य नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ग्राम कचहरी में वाद दायर कर सकता है. वहीं रश्मि कुमारी एवं मिथिलेश कुमार राय ने भी कार्यशाला में अपने विचार साझा करते हुए पंचायती राज प्रणाली की कार्यप्रणाली पर अपने अनुभवों को रखा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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