पटना जू में आठ महीने बाद बाघ के शावकों को बाड़े में छोड़ा गया, देखने के लिए उमड़ी दर्शकों को भीड़

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Jan 2023 12:48 AM

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चार शावकों को जन्म देने वाली बाघिन संगीता को चेन्नई के वेंडालूर जू से पटना जू लाया गया था. वहीं, इन शावकों के पिता नकुल को भी वेंडालूर जू से 2019 में पटना जू लाया गया था. संगीता ने साल 2022 में 25 मई को चार शावकों को जन्म दिया था.

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पटना के चिड़ियाघर में एक साथ बाघ के चार शावकों की अठखेलियां देखने के लिए बाड़े के बाहर दर्शकों की भीड़ उमड़ी रही. खासकर बाघ के शावकों को देखने के लिए बच्चे काफी उत्साहित दिखे. यह नजारा रविवार की दोपहर पटना जू में देखने को मिला. दरअसल रविवार को बाघ के चार शावकों को बाड़े में छोड़ा गया. इन शावकों चारों शावकों का जन्म 25 मई को पटना जू में ही हुआ था. करीब आठ महीने बाद शावकों को बाड़े में छोड़ा गया.

तेज प्रताप यादव ने किया लोकार्पण

रविवार को पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तेज प्रताप यादव ने बाघ के शावकों का लोकार्पण किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाघ के शावकों को देखना शहरवासियों के लिए नया अनुभव होगा. पटना जू घूमने आने वाले दूसरे राज्यों के विजिटर्स के लिए भी यह खास होगा कि एक साथ उन्हें बाघ के चार शावकों को देखने का अवसर मिलेगा.

चारों शावक स्वस्थ हैं

पटना जू के डायरेक्टर सत्यजीत ने कहा कि यह हम सभी के लिए बड़ी उपलब्धि है कि चारों शावक स्वस्थ हैं. उन्होंने कहा कि शावकों की देख-रेख के लिए फिलहाल विशेषज्ञों की टीम मुस्तैद रहेगी. शावकों के लोकापर्ण के बाद मंत्री तेज प्रताप ने मुंगेर से रेस्क्यू कर लाये गये भालू के दोनों बच्चों को देखा और उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली.

तीन नर व एक है मादा शावक

इन चार शावकों को जन्म देने वाली बाघिन संगीता को चेन्नई के वेंडालूर जू से पटना जू लाया गया था. वहीं, इन शावकों के पिता नकुल को भी वेंडालूर जू से 2019 में पटना जू लाया गया था. संगीता ने साल 2022 में 25 मई को चार शावकों को जन्म दिया था. इनमें तीन नर व एक मादा शावक का जन्म हुआ था. इन चार शावकों में दो नर शावक मगध और केसरी सफेद रंग के हैं. वहीं, एक नर शावक विक्रम और एक मादा शावक रानी सामान्य रंग के हैं. इन चार शावकों के जन्म के बाद पटना जू में बाघों की कुल संख्या नौ हो गयी है.

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ये लोग रहे मौजूद 

इस लोकार्पण कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के पीसीसीएफ मुख्यालय आशुतोष, डायरेक्टर इकोलोजी सुरेंद्र सिंह, मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक प्रभात कुमार गुप्ता, व जू के सभी पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे.

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