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भागलपुर के पीरपैंती में लगेगा 2400 मेगावाट का थर्मल पावर प्रोजेक्ट, मिली सैद्धांतिक स्वीकृति

Updated at : 05 Feb 2025 5:17 AM (IST)
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Thermal Power: इस परियोजना के लिए टैरिफ आधारित निविदा अपनाई जायेगी, जिससे परियोजना का निर्माण न केवल ससमय होगा बल्कि राज्य के लोगों को उचित दर पर बिजली भी मिलेगी.

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Thermal Power: पटना. बिहार कैबिनेट ने भागलपुर के पीरपैंती में अधिग्रहित भूमि पर 800 मेगावाट की तीन इकाइयां सहित कुल 2400 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट की स्थापना को स्वीकृति प्रदान कर दी है. यह परियोजना टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी टेंडर (टीबीसीबी) के तहत क्रियान्वित की जायेगी, जिसकी नोडल एजेंसी बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड होगी. पीरपैंती ताप विद्युत परियोजना अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होगी, जिससे पर्यावरणीय प्रभावों को कम करते हुए अधिकतम ऊर्जा उत्पादन सुनिश्चित किया जायेगा. इस परियोजना के लिए टैरिफ आधारित निविदा अपनाई जायेगी, जिससे परियोजना का निर्माण न केवल ससमय होगा बल्कि राज्य के लोगों को उचित दर पर बिजली भी मिलेगी.

किफायती रहेगा उत्पादन

ऊर्जा सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि इस परियोजना से राज्य के ऊर्जा उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे बिहार की बिजली जरूरतें पूरी होंगी. परियोजना स्थल इस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के कोयला खदानों के नजदीक है, जिससे कोयला परिवहन की लागत कम होगी और उत्पादन अधिक किफायती रहेगा. इसके अलावा इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी सृजित होंगे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगी.

सौर ऊर्जा प्लांट की भूमि पर लगेगा अब थर्मल प्लांट

पहले इस भूमि पर सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की योजना थी, लेकिन विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा किए गए विस्तृत अध्ययन में पाया गया कि पीरपैंती का भू-भाग सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए उपयुक्त नहीं है. इस भूमि पर ताप विद्युत परियोजना की संभावनाओं को बेहतर पाया गया, क्योंकि यह कोयला स्रोतों के पास स्थित है, जिससे परिवहन लागत में कमी आयेगी और ऊर्जा उत्पादन अधिक किफायती होगा. केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 के केंद्रीय बजट में इस परियोजना के लिए 21,400 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की थी. मुख्य सचिव बिहार की अध्यक्षता में 31 जनवरी 2025 को हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस परियोजना के लिए अंतिम सहमति बनी और निर्णय लिया गया कि इसका कार्यान्वयन टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी निविदा (टीबीसीबी) के तहत किया जायेगा.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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