फरवरी महीने में प्रशिक्षण विमान का 50 घंटे हुई उड़ान

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बिहार उड्डयन संस्थान में प्रशिक्षुओं को विमान उड़ाने के लिए अब पर्याप्त समय मिलने लगा है. संस्थान में स्थायी चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (सीएफआइ) पराग गोयल के कमान संभालने के बाद प्रशिक्षण की गति तेज हुई है.

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संवाददाता,पटना बिहार उड्डयन संस्थान में प्रशिक्षुओं को विमान उड़ाने के लिए अब पर्याप्त समय मिलने लगा है. संस्थान में स्थायी चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (सीएफआइ) पराग गोयल के कमान संभालने के बाद प्रशिक्षण की गति तेज हुई है. इसी का परिणाम है कि मौसम ठीक होने के कारण सिर्फ फरवरी माह 50 घंटे की उड़ान प्रशिक्षु पायलटों को मिला है. फरवरी के पहले एक साल में सिर्फ ट्रेनी पायलटों को महज 80 घंटे ही उड़ान का मौका मिला था. बिहार उड्डयन संस्थान में हर साल निजी विमान चालक (पीपीएल) कोर्स के लिए 40 और वाणिज्यिक विमान चालक (सीपीएल) कोर्स में 20 अभ्यर्थियों का नामांकन होता है. इसमें पीपीएल कोर्स करनेवाले विद्यार्थियों को 60 घंटे की ट्रेनिंग दी जाती है ,जबकि पीपीएल कोर्स करनेवाले विद्यार्थियों को 200 घंटों के उड़ान का प्रशिक्षण लेना पड़ता है. जानकारों के अनुसार संस्थान के पास चार विमान हैं जिनपर प्रशिक्षु पायलटों को प्रशिक्षण दिया जाता है.

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