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Success Story: बिहार की बेटी का माइक्रोसॉफ्ट में हुआ चयन, इतने लाख रुपये का मिला पैकेज

Updated at : 07 Jul 2025 7:32 PM (IST)
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success story of bihar| Success Story: Khushi Singh of Bihar got selected in Microsoft, got a package of 52 lakhs

खुशी सिंह की तस्वीर

Success Story: बिहार के औरंगाबाद जिले के चपरा गांव की खुशी सिंह ने माइक्रोसॉफ्ट में 51 लाख के पैकेज पर चयन पाकर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है. आईआईटी पटना से बीटेक करने वाली खुशी की सफलता से गांव में जश्न का माहौल है.

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Success Story: बिहार के औरंगाबाद जिले के कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत चपरा गांव की बेटी खुशी सिंह ने पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है. गांव से निकलकर विश्व की दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट में चयन पाकर उसने सफलता की नई इबारत लिखी है. माइक्रोसॉफ्ट द्वारा खुशी को 51 लाख रुपये का वार्षिक पैकेज ऑफर किया गया है. इस बड़ी सफलता से पूरे चपरा गांव में हर्ष की लहर है.

ग्रामीण परिवेश से लेकर वैश्विक मंच तक की उड़ान

खुशी ने इसी वर्ष आईआईटी पटना से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की है. मई 2025 में फाइनल रिजल्ट आते ही उसका चयन माइक्रोसॉफ्ट में हो गया. ग्रामीण पृष्ठभूमि से आई यह होनहार छात्रा पहले ही कई उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी है.

वह जनरेशन गूगल स्कॉलर 2024 (एशिया पैसिफिक रीजन) में चयनित रही हैं. इसके साथ ही पीएमआरओ व आरएमओ जैसी प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रियाओं में भी सफलता प्राप्त की है. इतना ही नहीं, वह आईआईटी के इंटर स्पोर्ट्स इवेंट में दो बार बास्केटबॉल टीम का भी हिस्सा रह चुकी हैं.

परिवार का मिला पूरा सहयोग

खुशी के पिता वीरेंद्र कुमार सिंह, वायुसेना में मास्टर वारंट ऑफिसर के पद पर चंडीगढ़ में कार्यरत हैं, जबकि माता रंजना सिंह गृहिणी हैं. खुशी के छोटे भाई प्रांजल सिंह भी अपनी बहन से प्रेरणा लेकर बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं. वह डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज, जालंधर का छात्र है. खुशी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार और शिक्षकों को दिया है. उसने कहा कि उसका सपना है कि वह भविष्य में आईटी क्षेत्र की किसी वैश्विक कंपनी को नेतृत्व दे सके.

बचपन से ही पढ़ने में मेधावी है खुशी

खुशी के पिता श्री सिंह ने बताया कि वह बचपन से ही पढ़ने में मेधावी है. वर्ष 2019 में केंद्रीय विद्यालय करनाल से उसने 97 प्रतिशत अंक के साथ मैट्रिक व वर्ष 2021 में 97.6 प्रतिशत अंक के साथ 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी. इसके साथ ही 2021 में ही जेइइ मेंस एवं जेइइ एडवांस में परचम लहराया. उसने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता परिवार के अन्य सदस्यों को देते हुए बताया कि आइटी के क्षेत्र में वह विश्व की शीर्ष कंपनी को लीड करना चाहती है.

गांव और जिले का बढ़ाया मान

खुशी की इस उपलब्धि से चपरा गांव और औरंगाबाद जिला दोनों गर्व महसूस कर रहे हैं. ग्रामीणों ने भी खुशी की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उसने यह साबित कर दिया कि मेहनत, समर्पण और लक्ष्य स्पष्ट हो तो कोई भी ऊंचाई दूर नहीं होती.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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