बीएन कॉलेज के छात्र की मौत के बाद छात्रों का प्रदर्शन, अशोक राजपथ रहा घंटों जाम

Updated:
विज्ञापन
बीएन कॉलेज के छात्र की मौत के बाद छात्रों का प्रदर्शन, अशोक राजपथ रहा घंटों जाम

बीएन कॉलेज पटना के छात्र सुजीत कुमार की मौत के बाद गुरुवार को कॉलेज परिसर और आसपास के इलाकों में भारी तनाव फैल गया.

विज्ञापन

संवाददाता, पटना

बीएन कॉलेज पटना के छात्र सुजीत कुमार की मौत के बाद गुरुवार को कॉलेज परिसर और आसपास के इलाकों में भारी तनाव फैल गया. गुस्साए छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अशोक राजपथ को कई घंटों तक जाम कर दिया. इस दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गयीं और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. बुधवार देर रात मेदांता हॉस्पिटल से सुजीत को रोहतास ले जाया गया था. छात्र को पटना में ही ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था. हंगामा कर रहे छात्रों का आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने और कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के कारण छात्र की जान गयी है. गुरुवार सुबह जैसे ही खबर कॉलेज परिसर में फैली, छात्र आक्रोशित हो उठे. उन्होंने कॉलेज गेट और पटना यूनिवर्सिटी गेट के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया और दोपहर होते-होते सड़क जाम कर दी. छात्रों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई की जाये और मृतक छात्र के परिजनों को मुआवजा दिया जाये. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाने का प्रयास किया. हालांकि काफी देर तक जाम नहीं खुल सका. बाद में अधिकारियों के आश्वासन के बाद छात्र शांत हुए और यातायात सामान्य हो सका.

बीएन कॉलेज में हुई दुर्घटना के विरोध में छात्रसंघ का प्रदर्शन, दो घंटे धरने पर बैठे

बीएन कॉलेज में हुई घटना और छात्र सुरक्षा को लेकर उत्पन्न चिंता के चलते छात्र संघ के नेतृत्व में बीएन कॉलेज से पटना विश्वविद्यालय तक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला गया. मार्च में छात्र संघ अध्यक्ष मैथिली मृणालिनी, उपाध्यक्ष धीरज, कोषाध्यक्ष सौम्या व अलग-अलग कॉलेज के काउंसेलर और कई छात्र मौजूद रहे. इसके बाद छात्र संघ के लोगों ने विश्वविद्यालय मुख्य द्वार के पास दो घंटे तक धरना दिया. छात्र संघ ने कहा कि पीयू प्रशासन छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे. धरने के दौरान छात्र संघ अध्यक्ष मैथिली मृणालिनी ने कहा कि यह छात्र हित की लड़ाई है, जिसे हमें पूरी दृढ़ता से लड़नी है. विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि वह परिसर में सुरक्षा बढ़ाये, सीसीटीवी कैमरे लगाये और पूर्व सैनिकों को सुरक्षा गार्ड के रूप में नियुक्त करें. यदि प्रशासन ऐसा करने में अक्षम है, तो छात्रसंघ स्वयं चंदा एकत्र कर कैमरे लगवायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Anurag Pradhan

लेखक के बारे में

By Anurag Pradhan

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन