रैयत और गैर-रैयत दोनो किसानों को मिले फसल क्षति का लाभ : नीतीश कुमार
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 06 May 2020 2:05 AM
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि ओलावृष्टि या वर्षापात के कारण हुई फसल क्षति का लाभ सभी प्रभावित किसानों को मिले. वास्तविक क्षति वाले कोई किसान इससे वंचित नहीं रहें. रैयत या गैर-रैयत दोनों किसानों को शामिल करें.
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि ओलावृष्टि या वर्षापात के कारण हुई फसल क्षति का लाभ सभी प्रभावित किसानों को मिले. वास्तविक क्षति वाले कोई किसान इससे वंचित नहीं रहें. रैयत या गैर-रैयत दोनों किसानों को शामिल करें. बचे हुए आवेदनों का निपटारा तेजी से करें. मुख्यमंत्री मंगलवार को एक अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृषि विभाग, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा सहकारिता विभाग के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर रहे थे. इस दौरान कृषि इनपुट अनुदान, नये राशन कार्ड जारी करने की स्थिति, गेहूं अधिप्राप्ति की स्थिति और फसल सहायता योजना के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि इनपुट अनुदान मार्च महीने में हुई फसल क्षति को लेकर 15 मई तक और अप्रैल महीने में क्षति वाले किसानों को इस महीने के अंत तक राशि ट्रांसफर कर दें.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कृषि क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को अन्य कार्यों से मुक्त रखा जाये और कृषि विभाग संबंधित योजनाओं की स्वयं मॉनीटरिंग का काम तेजी से करें. इस क्षेत्र में लोगों को काम मिलता रहे. खेती के कार्यों में सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल रखें. कोरोना संक्रमण से बचाव का यही प्रभावी उपाये है. बीज, उर्वरक और रसायन की जरूरत के अनुसार उपलब्धता का आकलन करें. उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत मौसम के अनुसार कृषि कार्यक्रम आठ जिलों में शुरू किया गया था. इसे अब सभी 38 जिलों में विस्तार किया जायेगा. इस काम में प्रगति लाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि फसल अवशेष को जलाने वालों पर नजर रखें. उन्हें प्रचार-प्रसार कर प्रेरित करें कि इससे पर्यावरण के साथ-साथ खेती को भी नुकसान होता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन कार्ड के लंबित, त्रुटिपूर्ण, अस्वीकृत आवेदन जो जांच के बाद सही पाये गये हैं. उनके खाते में एक हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की जाये. साथ ही जल्द से राशन कार्ड जारी करें. राशन कार्ड निर्गत करने के बाद खाद्न्न की जरूरी का आकलन करें. परिवारों में बंटवारा होता रहता है, जिस कारण राशन कार्डधारियों की संख्या में वृद्धि होगी, इसमें किसी प्रकार का भ्रम नहीं हो. जिन लोगों का ना एक से ज्यादा राशन कार्ड में है. उनका एक स्थान से हटाया जाये. शहरी क्षेत्रों में सर्वें कार्य की गहन मॉनिटरिंग किया जाये. ताकि सर्वे शुद्धा रूप से हो. जो राशन कार्डधारी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन करने में सक्षम नहीं है. उनकी सुविधा का ध्यान रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जाये. जन वितरण प्रणाली से संबंधित शिकायतें पर सुनवाई करें.
किसी भी कीमत पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सभी लाभुकों को सही वजन और सही गुणवत्ता का अनाज मिले यह सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुरुप एवं मूल रूप से कृषि कार्यों को देखते हुए ही पैक्सों के लिए खेती उपकरणों की खरीद करें. बैठक में उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव मनीष कुमार वर्मा, सचिव अनुपम कुमार, गोपाल सिंह मौजूद थे. जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृषि सह पशु एवं मत्स्य संसाधन प्रेम कुमार, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मदन सहनी, कृषि सह पशु मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव एन. सरवन कुमार, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और सहकारिता विभाग की सचिव बंदना प्रेयसी जुड़ी हुई थी.
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