‘अपने देश की गरीबी को नजरअंदाज कर…’, रोहिणी आचार्य ने पीएम मोदी से कहा- भारत की तस्वीर भी देखिए

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‘अपने देश की गरीबी को नजरअंदाज कर…’, रोहिणी आचार्य ने पीएम मोदी से कहा- भारत की तस्वीर भी देखिए

PM Modi: नीदरलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीबी पर दिए गए बयान को लेकर रोहिणी आचार्या ने कई सवाल उठाये हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर देश की गरीबी, राशन व्यवस्था और भूख के मुद्दे उठाते हुए पीएम पर निशाना साधा.

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PM Modi: लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे के दौरान दिए गए बयान पर तीखा हमला बोला है. प्रधानमंत्री ने द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया में बढ़ती गरीबी, युद्ध, महामारी और ऊर्जा संकट को लेकर चिंता जताई थी. इसी बयान पर रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार और पीएम मोदी को घेरा.

विदेश में गरीबी की चिंता, देश की हालत पर सवाल

रोहिणी आचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री दुनिया को गरीबी के खतरे से आगाह कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पहले अपने देश की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भारत में संकट की शुरुआत 26 मई 2014 से ही हो गई थी और अब हालात और गंभीर हो चुके हैं. रोहिणी ने कहा कि देश में बड़ी आबादी आज भी मुफ्त राशन पर निर्भर है, जो बताता है कि गरीबी कितनी गहरी है.

राशन, गरीबी और भूख को लेकर सरकार पर हमला

रोहिणी ने अपने पोस्ट में कहा कि देश के करोड़ों लोग हर महीने मिलने वाले पांच किलो राशन के सहारे जीवन गुजार रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि इससे साफ है कि बड़ी आबादी अब भी गरीबी रेखा के नीचे या उसके आसपास है. उन्होंने विश्व बैंक और नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारत में करोड़ों लोग अब भी गरीबी से जूझ रहे हैं.

रोहिणी ने वैश्विक भूख सूचकांक का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि जब देश की स्थिति ऐसी है तो विदेशों में जाकर गरीबी पर बड़ी बातें करना लोगों को हैरान करता है. उनका कहना था कि देश के अंदर चुनावी मंचों पर गरीबी कम ही चर्चा में रहती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसे प्रमुख मुद्दा बनाया जाता है.

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नीदरलैंड में पीएम मोदी ने क्या कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड की राजधानी द हेग में कहा था कि दुनिया इस समय महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट चुनौतियों से गुजर रही है. अगर हालात नहीं बदले तो दुनिया की बड़ी आबादी गरीबी की चपेट में आ सकती है और पिछले दशकों की उपलब्धियां प्रभावित हो सकती हैं.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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