रीगा चीनी मिल इसी सत्र से शुरू कर देगी शक्कर का उत्पादन : मंत्री

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 26 Sep 2024 1:27 AM

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प्रदेश के गन्ना उद्योग मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने कहा है कि करीब चार साल से बंद रीगा चीनी मिल इसी साल के पेराई सत्र से चीनी का उत्पादन शुरू कर देगी.

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संवाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस – गुड़ उद्योग प्रोत्साहन योजना में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान लगायी जायेंगी 81 यूनिट संवाददाता,पटना प्रदेश के गन्ना उद्योग मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने कहा है कि करीब चार साल से बंद रीगा चीनी मिल इसी साल के पेराई सत्र से चीनी का उत्पादन शुरू कर देगी. इसके लिए एनसीएलटी ने मेसर्स निरानी शूगर्स को लेटर ऑफ इंटेंट दे दिया है.रीगा चीनी मिल के चालू हो जाने से बिहार के किसानों को और ताकत मिलेगी. पासवान ने यह बातें बुधवार को संवाद में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही है. गन्ना उद्योग मंत्री पासवान ने कहा कि विभाग राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे दी गयी है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में 81 गुड़ इकाइयों की स्थापना की जायेगी. इसके लिए 12.40 करोड़ रुपये की अनुमति दी गयी है. मंत्री ने बताया कि यह योजना उन क्षेत्रों के लिए है,जहां चीनी मिल का रिजर्व क्षेत्र नहीं है. चीनी मिल के 15 किलोमीटर के दायरे में गुड़ इकाई नहीं लगायी जा सकेंगी.इस योजना में उद्यमियों से ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन लिये जायेंगे . इसके लिए केन केयर सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है.इसकी शुरुआत एक अक्तूबर से कर दी जायेगी. कहा कि राज्य के गन्ना उत्पादक किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए भरसक प्रयास किये जा रहे हैं. विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने बताया कि काफी समय पहले बंद हो चुकी इकाइयों के कर्मचारियों की देनदारी में 224 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है. इसमें 60-70 करोड़ का भुगतान बाकी है. शेष भुगतान की कवायद तेजी पर है. .प्रधान सचिव ने बताया कि पेराई सत्र 2023-24 के तहत राज्य की चीनी मिलों ने 677 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की, यह पिछले पेराई वर्ष की तुलना में 14.24 लाख क्विंटल अधिक है. बताया कि राज्यकी चीनी मिलों से संबद्ध डिस्टीलरी इकाई द्वारा 86298.72 किलोलीटर इथेनॉल का उत्पादन किया है. उन्होंने बताया कि गन्ना काश्तकारों को 99.34 प्रतिशत यानी कि कुल 2355 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है. विष्णु सुगर मिल को छोड़ कर सभी चीनी मिलों ने शत-प्रतिशत ईख मूल्य का भुगतान कर दिया है. इधर, गन्ना कमिश्नर अनिल कुमार झा ने बताया कि राज्य में चीनी का उत्पादन 6.87 लाख टन हो गया है, जबकि 2006-07 में केवल 4.51 लाख टन था. बताया कि राज्य में ढाई लाख एकड़ में गन्ना की खेती होती है. इसका रकबा बढ़ाया जा रहा है. कहा कि गन्ना यांत्रिकीकरण को क्रियान्वित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि बंद चीनी मिल इकाइयों के पांच हजार कर्मचारियों के भुगतान के लिए विभाग उनके डोर -टू -डाेर जाकर दावा करने के लिए कहेगा. इस दौरान विभाग के संयुक्त सचिव जेपीएन सिंह भी मौजूद रहे. कार्यक्रम से जुड़े तथ्य – सभी जिलों में यह लग सकेंगी यूनिट – 5 से 20 टीसीडी की क्षमता की स्थापना पर अधिकतम 15 लाख रुपये तक और 60 टीसीडी से अधिक क्षमता के संयत्र पर अधिकतम एक करोड़ तक का पूंजी अनुदान मिलेगा. –

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