पटना में अपराधियों ने रिटायर्ड दारोगा की घर में घुसकर की हत्या, लूटपाट का विरोध करने पर घटना को दिया अंजाम

गांव वालों ने बताया कि रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर कामेश्वर ओझा के घर में दो माह पूर्व भी चोर घुसे थे और इनका लैपटॉप लेकर भाग रहे थे. इनके शोर मचाने पर जुटे ग्रामीणों की भीड़ को देख बदमाश लैपटॉप फेंक फरार हो गये थे.
पटना में बेखौफ अपराधी हर दिन नयी वारदात को अंजाम दे रहे हैं. अब एक नया मामला गौरीचक थाना क्षेत्र के एनियो गांव से सामने आया है. जहां 82 वर्षीय रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर कामेश्वर ओझा को घर में घुसे बदमाशों ने चोरी और लूटपाट का विरोध करने पर ईंट-पत्थरों से कूच-कूच कर मार डाला. सुबह-सुबह छत पर रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के पड़े शव को देख ग्रामीणों ने इस बात की सूचना पुलिस को दी. इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस घटना की जांच में जुट गयी.
घटना की जानकारी मिलते ही गौरीचक थाना पुलिस के साथ प्रभारी एएसपी सदर काम्या मिश्रा, गौरीचक थाना अध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह पहुंचे. पुलिस ने मौके पर एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाकर साक्ष्य एकत्र किया और डेड बॉडी को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. फिलहाल पुलिस टीम वारदात के हर पहलू पर तहकीकात करते हुए हत्यारों का पता लगाने में जुट गयी है. जानकारी मिलने पर मृतक के परिजन गांव पहुंचे और रोने बिलखने लगे .
जानकारी के मुताबिक सोमवार को अशोक कहीं काम से बाहर गये थे. दारोगा के घर में अकेले होने की जानकारी बदमाशों को लग गयी और वो सोमवार देर रात घर में चोरी की नियत से घुसे. घर में छत पर ऊपर वाले कमरे में सो रहे कामेश्वर ओझा खटपट की आवाज से जाग उठे और उन्होंने बदमाशों को ललकारा. पुलिस को छानबीन में यह पता लगा की जैसे ही कामेश्वर कमरे से बाहर निकले, बदमाशों ने उन पर ईंट-पत्थरों से हमला किया और उन्हें मार डाला. बदमाशों ने उनके चेहरे व सिर को कूच दिया था. इतना ही नहीं बदमाशों ने उनके घर से इनवर्टर और आलमारी में रखा रुपया पैसा व अन्य कीमती सामान लूट कर भाग गये. फिलहाल परिजनों ने पुलिस को यह जानकारी नहीं दी है कि घर से कितना रुपया-पैसा जेवर और सामान गायब हुआ है.
गांव वालों ने बताया कि रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर कामेश्वर ओझा के घर में दो माह पूर्व भी चोर घुसे थे और इनका लैपटॉप लेकर भाग रहे थे. इनके शोर मचाने पर जुटे ग्रामीणों की भीड़ को देख बदमाश लैपटॉप फेंक फरार हो गये थे. ग्रामीणों को मुताबिक कामेश्वर ओझा वर्ष 2001 में मुगलसराय से आरपीएफ से सब इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. इनकी पत्नी बीमार होने के चलते पटना में इलाज के लिए अपने बेटे के पास रहती है. तीन पुत्रों में अशोक ओझा आर्मी के बीएसएफ से रिटायर्ड होने के बाद पिता के साथ ही एनियो गांव में उनके साथ रहते हैं जबकि संतोष ओझा स्वास्थ्य विभाग में कचरा प्रबंधन में कार्यरत है. वहीं छोटा बेटा एमबीए की डिग्री लेने के बाद एक कंपनी में जॉब करता है.
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गौरीचक थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि आशंका जताई जा रही है की घर में घुसे चोर बदमाशों ने चोरी का विरोध करने पर 82 साल के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर कामेश्वर ओझा की ईंट-पत्थरों से कूच-कूच कर हत्या कर भाग गये.
एनियो गांव में कामेश्वर ओझा की हत्या की जांच करने पहुंची डॉग स्क्वायड दिन भर गांव में भटकती रही, लेकिन हत्यारों का सुराग पुलिस टीम और डॉग स्क्वायड की टीम को घंटों मशक्कत के बाद भी नहीं मिला. एफएसएल की टीम घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र कर ले गयी है.
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