ePaper

Rakshabandhan Special:राखी का सबसे बड़ा तोहफ़ा,भाई ने किडनी देकर बचाई बहन की जान

Updated at : 09 Aug 2025 10:35 AM (IST)
विज्ञापन
Raksha Bandhan Special

Raksha Bandhan

Rakshabandhan Special: खगड़िया के गनी कुमार की मिसाल, रक्षाबंधन पर रिश्तों की सच्ची कहानी-"अगर भाई न होता तो मैं आज ज़िंदा न होती" — ये शब्द हैं खुशबू कुमारी के, जिनकी जिंदगी उनके भाई ने अपनी किडनी देकर बचा ली.

विज्ञापन

Rakshabandhan Special: रक्षाबंधन के धागे में बंधा भाई-बहन का रिश्ता सिर्फ प्यार और वादों तक सीमित नहीं होता, कभी-कभी यह जिंदगी बचाने का हौसला भी बन जाता है.

बिहार के खगड़िया में एक भाई ने अपनी बहन को मौत के मुंह से खींच लाने के लिए अपनी किडनी दान कर दी. यह कहानी सिर्फ रिश्तों की मिठास नहीं, बल्कि बलिदान और अटूट विश्वास की मिसाल है.

15 साल पुरानी शादी और अचानक मौत का साया

खगड़िया जिले के कन्हैयाचक गांव की खुशबू कुमारी की शादी 15 साल पहले बेगूसराय में हुई थी. तीन बच्चों की मां खुशबू को 2017 में अचानक पेट दर्द और पाचन की समस्या शुरू हुई. दिल्ली एम्स में जांच के बाद पता चला — दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं. डॉक्टरों ने एक महीने के भीतर ट्रांसप्लांट की सलाह दी.

ससुराल से मिली निराशा, मायके में उठा तूफान

ससुराल वालों ने किडनी देने से इनकार कर दिया. मायके में पांच भाइयों में सबसे छोटी बहन खुशबू की जिंदगी बचाने का सवाल उठा तो घर में बहस छिड़ गई. सभी को डर था कि किडनी देने वाला भाई कमजोर हो जाएगा.

‘राखी का हक अदा करने का वक्त आ गया था’

इसी बीच, एक भाई—राजेश कुमार उर्फ गनी—बिना हिचक किडनी डोनेट करने के लिए तैयार हो गए। राजेश कहते हैं—
“बचपन से बहन राखी बांधती आई है. अगर वह नहीं रहेगी तो मुझे राखी कौन बांधेगा? यही वक्त था कि मैं राखी का हक अदा करूं.”

भाई ने किडनी देकर बचाई बहन की जान

अब हर रक्षाबंधन पर भेजती है राखी

ऑपरेशन के बाद खुशबू कुमारी की जिंदगी बच गई. अब वह धनबाद में रहती हैं और हर साल भाई को राखी भेजती हैं. राजेश एक किडनी के साथ पूरी तरह स्वस्थ हैं और खुद को गौरवान्वित महसूस करते हैं कि उन्होंने बहन की जान बचाई.

गांव में मिसाल बना भाई-बहन का रिश्ता

गांव के लोग कहते हैं कि यह भाई-बहन के प्रेम का सबसे बड़ा उदाहरण है. खगड़िया में यह कहानी आज भी चर्चा में रहती है, जो बताती है कि राखी सिर्फ धागा नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने का संकल्प भी है.

Also Read: Bihar Politics: फर्जी वोटर आईडी विवाद में तेजस्वी यादव पर चुनाव आयोग की सख्ती

विज्ञापन
Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन