गोपालगंज में जड़ जमाये भू-माफियाओं को एक बड़े नेता का संरक्षण, नेटवर्क को खंगालने में जुटी है पुलिस

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 28 Nov 2025 5:00 AM

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रेयाजुल हक राजू

Gopalganj: गोपालगंज में फर्जी कागजात के आधार पर जमीन पर कब्जा कराने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस जांच में पता चला कि इस गैंग को एक प्रभावशाली नेता का संरक्षण मिल रहा था. हथियार बरामदगी और आरोपियों के इकबालिया बयान के बाद पुलिस अब पुख्ता सबूत जुटाने में लगी है.

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Gopalganj: बिहार के गोपालगंज शहर में फर्जी कागजात पर भय पैदा कर जमीन पर कब्जा करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा पुलिस कर चुकी है. भू-माफियाओं के इस रैकेट को शहर के एक बड़े नेता का संरक्षण प्राप्त होने की बात सामने आयी है. पुलिस अब मोबाइल के सीडीआर को खंगालने में जुटी है. पुलिस कप्तान अवधेश दीक्षित ने बताया कि रेयाजुल हक राजू का नाम शहर में जमीन पर कब्जा कराने वाले नेटवर्क को संरक्षण देने के मामले में सामने आया है.

पुख्ता एविडेंस मिलने पर कार्रवाई

कुचायकोट का एक भू-माफिया देसी पिस्टल, देसी कार्बाइन और कारतूस के साथ गिरफ्तार हरदिया निवासी फहीम अनवर उर्फ बाबर के द्वारा अपने इकबालिया बयान में रेयाजुल हक राजू व अन्य लोगों के नाम का खुलासा किया गया था. उसके खुलासे के बाद पुलिस साक्ष्यों को जुटा रही है.

पुलिस की जांच में शहर के बड़े नेता की भूमिका की बात सामने आ रही है. काफी दिनों से जमीन के सौदागरों से संबंध होने की बात आ रही. पुलिस कप्तान ने कहा कि उसके बयानों के आधार पर जांच हो रही है. पुख्ता एविडेंस मिलते ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई तय है.

पुलिस ने गैंग के दो और बदमाशों को दबोचा

पुलिस कप्तान ने बताया कि मानवीय और तकनीकी इनपुट के आधार पर सरेया नरेंद्र निवासी तौफिक हुसैन तथा हरदिया निवासी आबरे आलम पिता अजीम मियां को गिरफ्तार कर लिया. दोनों पर फहीम के साथ मिलकर देशी कार्बाइन और कट्टा उपलब्ध कराने, रख-रखाव करने तथा संभावित वारदात की साजिश में शामिल रहने का आरोप है.

फहीम ने खोला था भू-माफियाओं के नेटवर्क का राज

पूरा वाक्या 14 नवंबर का है, जब तुरकाहां पुल के पास, विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान वाहन जांच में हरदिया गांव के पुलिस ने फहीम अनवर उर्फ बाबर को देसी पिस्टल, कार्बाइन और कारतूस के साथ पकड़ा था.

मामले में की गयी पूछताछ ने पुलिस को जमीन कब्जा और हत्या की साजिश का बड़ा संकेत दिया था. फहीम ने स्वीकार किया था कि उसने अपने साझेदारों के साथ मिलकर जंगलिया शबनम होटल के पीछे एक जमीन खरीदी थी, जिसको लेकर दीपावली के आसपास मारपीट की घटना हुई थी.

घटना को बदला लेने और शहर में भय का माहौल बनाने के लिए इन लोगों ने देसी कार्बाइन और कट्टा खरीदा था. हथियारों का इस्तेमाल जमीन कब्जा और हत्या में करने की तैयारी थी. मामले में नगर थाना कांड संख्या 837/25 दर्ज कर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी. उसका उद्देश्य शहर में दहशत फैलाना और मौके पर कब्जा जमाना था. इसी बयान के आधार पर नगर थाना कांड संख्या 837/25 दर्ज कर अनुसंधान चल रहा था.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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