पटना के PMCH में नर्सें हड़ताल पर बैठीं; इमरजेंसी-ओटी ठप, 63 ऑपरेशन टले

Author Anand tiwari|Edited by Anjani Pandey
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अस्पताल में सुबह 7 बजे से शुरू हुआ प्रदर्शन. फोटो - प्रभात खबर

पटना के PMCH अस्पताल में नर्सों ने काम बंद कर दिया है, जिससे इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं. एक नर्स के पति की इलाज में लापरवाही से मौत और जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है.

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PMCH Patna Nurse Strike : राजधानी में स्थित बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पीटल (PMCH) में हंगामा हो गया है. अस्पताल की सभी नर्सों ने एक साथ काम बंद कर दिया है और हड़ताल पर चली गई हैं. इसकी वजह से अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं के साथ ही ऑपरेशन थियेटर भी ठप हो गया है. दोपहर तक 35 मेजर ऑपरेशन ही हो सके हैं, जबकि 63 ऑपरेशन टालने पड़े हैं. मामला एक स्टाफ नर्स के पति की इलाज के दौरान मौत और जूनियर डॉक्टरों के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह मौके पर पहुंचे. प्रदर्शनकारी नर्सों व परिजनों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया. लेकिन नर्सों ने सुपरिटेंडेंट की बातें नहीं मानी और अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठी हुई हैं. उन्होंने संबंधित डॉक्टर की जवाबदेही तय कर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है.

क्या है मामला

पिछले 20 वर्षों से इसी अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहीं सीनियर स्टाफ नर्स लक्ष्मी कुमारी के 55 वर्षीय पति अरविंद कुमार सिंह का इलाज एमआईसीयू के कमरा नंबर 1 में चल रहा था. उन्हें 2 जुलाई को दोपहर तीन बजे इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था. वहां से उन्हें पुराने एमआईसीयू के बेड नंबर 1 पर एडमिट किया गया था. हालांकि उन्हें बचाया नहीं जा सका.

इधर मृतक के बेटे शिवम कुमार ने बताया कि पिताजी को दमा था. डॉक्टरों ने जो दवा दी, उसके रिएक्शन से तबीयत ज्यादा बिगड़ गयी. एमआईसीयू में ऑक्सीजन लेवल लगातार नीचे गिर रहा था. डॉक्टरों से बार-बार गुहार लगायी, लेकिन डॉक्टरों ने कोई ध्यान नहीं दिया.

वीडियो बनाने पर भड़के डॉक्टरों ने बंधक बनाकर पीटा

मृतक के बेटे शिवम कुमार के अनुसार, डॉक्टरों ने लापरवाही छिपाने के लिए उन्हें जबरन वार्ड से बाहर निकाल दिया. उन्होंने लापरवाही और अनुपस्थिति का वीडियो बनाना चाहा, तो वहां मौजूद जूनियर डॉक्टर की टीम उग्र हो गयी. 25 से 30 पीजी डॉक्टरों ने शिवम कुमार और उनके भाई को खींचकर इमरजेंसी वार्ड के एक कमरे में बंद कर दिया और बेरहमी से पीटा. उन्हें बचाने गयी मां को भी थप्पड़ मारे गए हैं.

अस्पताल में भर्ती मरीजों को हो रही है परेशानी. फोटो - प्रभात खबर
अस्पताल में भर्ती मरीजों को हो रही है परेशानी. फोटो - प्रभात खबर

अब क्या हैं नर्सों की मांगें

नाराज नर्स अस्पताल प्रशासन के विरोध करती हुई मारपीट करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही हैं. नर्सों का कहना है कि मामले की जांच और घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फ़ुटेज रिपोर्ट देखी जाए तो मामला खुद सामने आ जाएगा.

नाराज नर्सों ने मंगलवार की सुबह सात बजे से इमरजेंसी वार्ड के सामने जुटना शुरू कर दिया. यहां तक कि बारिश में छाता लेकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी की. इधर दूसरी ओर इलाज न मिलने के चलते वार्ड में भर्ती मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. मरीज के परिजनों ने बताया कि सुबह सात बजे के बाद एक भी नर्स वार्ड में ड्यूटी करने नहीं आई. इससे मरीजों को सुई-दवा समय पर नहीं मिला.

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