PHOTOS: खान सर के हॉस्पिटल की बढ़ी मुश्किलें, तस्वीरों में देखें दो नोटिस के बाद भी कहां रह गई कमी; H1 नोटिस की तैयारी

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पटना के खान अस्पताल की मुश्किलें बढ़ गई हैं. फायर विभाग ने H-1 नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है, जिससे अस्पताल के सील होने का खतरा मंडरा रहा है. दो नोटिस के बाद भी कमियां दूर न होने पर यह कार्रवाई की जा रही है.
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खान सर का हॉस्पिटल

पटना के खान अस्पताल की मुश्किलें बढ़ गई हैं. फायर विभाग ने H-1 नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है, जिससे अस्पताल के सील होने का खतरा मंडरा रहा है. दो नोटिस के बाद भी कमियां दूर न होने पर यह कार्रवाई की जा रही है.

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खान अस्पताल पर अब H-1 नोटिस की तैयारी
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खान अस्पताल पर अब H-1 नोटिस की तैयारी

पटना के खान अस्पताल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. फायर विभाग अब अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है. विभाग की ओर से H-1 नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. इसके बाद अस्पताल के सील होने का रास्ता भी खुल सकता है.

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पहले E-1 और G-1 नोटिस, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था
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पहले E-1 और G-1 नोटिस, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था

फायर विभाग इससे पहले अस्पताल प्रबंधन को E-1 और G-1 नोटिस जारी कर चुका है. इसके बावजूद अग्नि सुरक्षा से जुड़ी कमियों को पूरी तरह दूर नहीं किया गया. अब विभाग ने अगली कार्रवाई के तौर पर H-1 नोटिस की प्रक्रिया शुरू की है.

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H-1 नोटिस के बाद मिलेगा दो सप्ताह का समय
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H-1 नोटिस के बाद मिलेगा दो सप्ताह का समय

H-1 नोटिस भवन को सील करने से पहले संबंधित संचालक से स्पष्टीकरण लेने के लिए जारी किया जाता है. नोटिस के बाद अस्पताल प्रबंधन को कमियां दूर करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया जाएगा. तय समय में सुधार नहीं हुआ तो सीलिंग की कार्रवाई हो सकती है.

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25 मई के फायर ऑडिट में सामने आईं कमियां
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25 मई के फायर ऑडिट में सामने आईं कमियां

अग्निशमन पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार ने 25 मई को खान अस्पताल का फायर ऑडिट किया था. जांच के दौरान भवन में निर्माण कार्य अधूरा मिला. इसके साथ ही अग्नि सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई कमियां भी सामने आईं.

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बिना NOC अस्पताल संचालन पर सवाल
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बिना NOC अस्पताल संचालन पर सवाल

विभागीय जांच के अनुसार खान अस्पताल को अब तक फायर विभाग से NOC नहीं मिली है. इसके बावजूद अस्पताल में इलाज और अन्य गतिविधियों का संचालन जारी है. फायर विभाग ने इसे नियमों के अनुपालन से जुड़ा गंभीर मामला माना है.

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2021 के बाद बने भवनों के लिए NOC जरूरी
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2021 के बाद बने भवनों के लिए NOC जरूरी

फायर विभाग के अनुसार वर्ष 2021 के बाद निर्मित भवनों में किसी संस्थान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान का संचालन शुरू करने से पहले फायर विभाग से NOC लेना अनिवार्य है. अस्पतालों के मामले में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन विशेष रूप से जरूरी है.

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निर्माण कार्य अधूरा मिलने से बढ़ी चिंता
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निर्माण कार्य अधूरा मिलने से बढ़ी चिंता

फायर ऑडिट के दौरान अस्पताल भवन में निर्माण कार्य अधूरा पाया गया था. ऐसे में विभाग की जांच का मुख्य फोकस भवन की सुरक्षा व्यवस्था और आग लगने की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने से जुड़े इंतजामों पर रहा.

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फायर विभाग की कार्रवाई से अस्पताल प्रबंधन की बढ़ीं मुश्किलें
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फायर विभाग की कार्रवाई से अस्पताल प्रबंधन की बढ़ीं मुश्किलें

लगातार नोटिस और अब H-1 कार्रवाई की तैयारी से खान अस्पताल प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. विभाग का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़े अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती.

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अब सुधार पर टिकी अस्पताल की आगे की कार्रवाई
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अब सुधार पर टिकी अस्पताल की आगे की कार्रवाई

अब अस्पताल प्रबंधन के सामने फायर विभाग की ओर से बतायी गयी कमियों को निर्धारित समय में दूर करने की चुनौती है. H-1 नोटिस के बाद विभाग सुधार और अनुपालन की स्थिति की जांच करेगा. मानकों का पालन नहीं होने पर अस्पताल के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है.

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रागिनी शर्मा

लेखक के बारे में

By रागिनी शर्मा

वर्तमान में मैं, रागिनी शर्मा पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की.

इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.

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