PHOTOS: जंगल के बेताज बादशाह से लेकर मासूम बंदरों तक, देखिए पटना जू के सबसे खास आकर्षण

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पटना जू के सबसे खास आकर्षणों की एक झलक देखें, जिसमें जंगल के बेताज बादशाह तेंदुआ, शांत स्वभाव का जिराफ, विशाल हाथी और नटखट चिंपैंजी शामिल हैं. इन मनमोहक जीवों की तस्वीरें देखें.
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पटना जू का मुख्य गेट

पटना जू के सबसे खास आकर्षणों की एक झलक देखें, जिसमें जंगल के बेताज बादशाह तेंदुआ, शांत स्वभाव का जिराफ, विशाल हाथी और नटखट चिंपैंजी शामिल हैं. इन मनमोहक जीवों की तस्वीरें देखें.

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पटना जू का शाही सितारा : आराम फरमाता तेंदुआ
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आराम फरमाता तेंदुआ

पटना जू का शाही सितारा : आराम फरमाता तेंदुआ

पटना जू में मौजूद तेंदुआ अपनी शानदार बनावट और फुर्ती के लिए पर्यटकों का खास आकर्षण है. तस्वीर में तेंदुआ चट्टान के सहारे आराम करता दिखाई दे रहा है, जो उसकी शांत लेकिन सतर्क प्रवृत्ति को दर्शाता है. दिन के समय आराम और रात में सक्रिय रहने वाला यह खूंखार शिकारी जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र का अहम हिस्सा है. इसकी सुंदर खाल पर बने काले रोसेट इसे अन्य बड़ी बिल्लियों से अलग पहचान देते हैं. पटना जू में आने वाले लोग इसे देखने के लिए सबसे अधिक उत्साहित रहते हैं.

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पटना जू का चिंपैंजी बना आकर्षण का केंद्र
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आराम की मुद्रा में बैठा चिंपैंजी

पटना जू का चिंपैंजी बना आकर्षण का केंद्र

पटना जू में मौजूद चिंपैंजी अपनी बुद्धिमत्ता और इंसानों जैसी गतिविधियों के कारण हर उम्र के पर्यटकों को आकर्षित करता है. तस्वीर में वह आराम की मुद्रा में बैठा दिखाई दे रहा है, मानो आसपास के माहौल का शांत होकर निरीक्षण कर रहा हो. चिंपैंजी अपनी तेज याददाश्त, भावनाओं को व्यक्त करने की क्षमता और सामाजिक व्यवहार के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. बच्चों के साथ-साथ बड़े भी इसकी हर गतिविधि को बड़े उत्साह से देखते हैं. वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में ऐसे जीव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. पटना जू आने वाले पर्यटकों के लिए चिंपैंजी की एक झलक यादगार अनुभव बन जाती है.

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पटना जू की बड़ी आंखों वाला उल्लू बना पर्यटकों की पहली पसंद
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अपनी तेज नजरों से आसपास का जायजा लेता उल्लू

पटना जू की बड़ी आंखों वाला उल्लू बना पर्यटकों की पहली पसंद

पटना जू में मौजूद उल्लू अपनी बड़ी चमकदार आंखों और बेहद तेज सुनने-देखने की क्षमता के लिए जाना जाता है. तस्वीर में वह चट्टानी आवास पर सतर्क मुद्रा में बैठा नजर आ रहा है. उल्लू मुख्य रूप से निशाचर पक्षी है और रात के समय शिकार करने में माहिर माना जाता है. इसकी गर्दन लगभग 270 डिग्री तक घूम सकती है, जिससे यह अपने आसपास की हर गतिविधि पर नजर रखता है. वन्यजीव प्रेमियों और बच्चों के लिए यह पक्षी हमेशा आकर्षण का केंद्र बना रहता है. पटना जू में इसकी मौजूदगी पर्यटकों को प्रकृति की अद्भुत विविधता और वन्यजीव संरक्षण के महत्व का संदेश देती है.

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काले शरीर और सफेद अयाल की अनोखी पहचान,नीलगिरि लंगूर
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नीलगिरि लंगूर

काले शरीर और सफेद अयाल की अनोखी पहचान,नीलगिरि लंगूर

पटना जू में मौजूद नीलगिरि लंगूर अपनी दुर्लभ प्रजाति और आकर्षक रूप के कारण पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र है. काले रंग के शरीर और सिर के चारों ओर सफेद अयाल जैसी घनी फर इसकी सबसे अलग पहचान है. यह मुख्य रूप से पेड़ों पर रहने वाला शांत और सामाजिक वन्यजीव है, जो फल, पत्तियां और कोमल टहनियां खाता है. तस्वीर में यह प्राकृतिक माहौल के बीच आराम की मुद्रा में बैठा नजर आ रहा है. वन्यजीव प्रेमी इसकी हर गतिविधि को बड़े ध्यान से देखते हैं. पटना जू में ऐसे दुर्लभ जीवों की मौजूदगी जैव विविधता के संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश देती है.

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धरती का सबसे लंबा जीव... पटना जू का जिराफ बना हर उम्र के पर्यटकों का पसंदीदा आकर्षण
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जिराफ़ : धरती का सबसे लंबा जीव

धरती का सबसे लंबा जीव... पटना जू का जिराफ बना हर उम्र के पर्यटकों का पसंदीदा आकर्षण

पटना जू में मौजूद जिराफ अपनी लंबी गर्दन, आकर्षक बनावट और शांत स्वभाव के कारण हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है. तस्वीर में वह अपने बाड़े में आराम से हरी घास और पत्तियां खाते हुए दिखाई दे रहा है. जिराफ दुनिया का सबसे लंबा स्थलीय जीव है, जिसकी लंबी गर्दन उसे ऊंचे पेड़ों की पत्तियां आसानी से खाने में मदद करती है. इसकी सुंदर चाल और अनोखी बनावट बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को रोमांचित करती है. वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह सबसे पसंदीदा जानवरों में से एक माना जाता है. पटना जू में जिराफ की मौजूदगी जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के महत्व का जीवंत संदेश देती है.

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शक्ति, बुद्धिमत्ता और सौम्यता का प्रतीक... पटना जू का हाथी बना बच्चों का सबसे बड़ा आकर्षण
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हाथी ने अपनी शांत चाल से पर्यटकों का ध्यान खींचा

शक्ति, बुद्धिमत्ता और सौम्यता का प्रतीक... पटना जू का हाथी बना बच्चों का सबसे बड़ा आकर्षण

पटना जू में मौजूद एशियाई हाथी अपनी विशाल काया, शांत स्वभाव और अद्भुत बुद्धिमत्ता के लिए जाना जाता है. तस्वीर में हाथी अपने बाड़े में आराम से टहलता हुआ दिखाई दे रहा है, जो उसकी सहज और संतुलित प्रकृति को दर्शाता है. हाथी पृथ्वी के सबसे बुद्धिमान स्थलीय जीवों में गिना जाता है और अपनी मजबूत याददाश्त तथा सामाजिक व्यवहार के लिए प्रसिद्ध है. इसकी लंबी सूंड भोजन करने, पानी पीने और अन्य कार्यों में बेहद उपयोगी होती है. पटना जू आने वाले बच्चे और पर्यटक हाथी को करीब से देखकर रोमांचित हो उठते हैं. वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के महत्व को समझाने में हाथी जैसी प्रजातियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

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खामोश चाल, लेकिन दमदार पहचान... पटना जू की शेरनी का रॉयल अंदाज बना आकर्षण
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शान से कदम बढ़ाती शेरनी

खामोश चाल, लेकिन दमदार पहचान... पटना जू की शेरनी का रॉयल अंदाज बना आकर्षण

पटना जू में मौजूद शेरनी अपनी फुर्ती, ताकत और शिकार करने की अद्भुत क्षमता के लिए जानी जाती है. तस्वीर में वह अपने बाड़े में आत्मविश्वास के साथ चलते हुए दिखाई दे रही है, जो उसके सतर्क और साहसी स्वभाव को दर्शाता है. जंगल में शिकार करने की जिम्मेदारी अधिकतर शेरनियों की ही होती है, इसलिए इन्हें बेहद कुशल शिकारी माना जाता है. शांत दिखने वाली यह वन्यजीव पल भर में तेज रफ्तार से हमला करने में सक्षम होती है. पर्यटक इसकी हर गतिविधि को बड़े उत्साह और रोमांच के साथ निहारते हैं. पटना जू में शेरनी की मौजूदगी वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और प्रकृति के संतुलन का महत्वपूर्ण संदेश देती है.

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शरारती अंदाज और तेज बुद्धि... पटना जू का बंदर बना बच्चों का सबसे चहेता साथी
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बाड़े में बैठा रीसस मकाक (बंदर)

शरारती अंदाज और तेज बुद्धि... पटना जू का बंदर बना बच्चों का सबसे चहेता साथी

पटना जू में मौजूद रीसस मकाक अपनी चंचल हरकतों, तेज बुद्धिमत्ता और सामाजिक व्यवहार के लिए जाना जाता है. तस्वीर में वह बाड़े के पास बैठकर उत्सुकता भरी नजरों से पर्यटकों को निहारता दिखाई दे रहा है. बंदर बेहद फुर्तीले और जिज्ञासु स्वभाव के होते हैं तथा समूह में रहना पसंद करते हैं. उनकी शरारती गतिविधियां बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी का भरपूर मनोरंजन करती हैं. यह प्रजाति जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में बीजों के प्रसार और जैव विविधता को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. पटना जू में बंदरों की चहल-पहल हर दिन आने वाले पर्यटकों के लिए यादगार और रोमांचक अनुभव बन जाती है.

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लंबी पूंछ, तेज छलांग और शांत स्वभाव... पटना जू का धूसर लंगूर बना खास आकर्षण
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बाड़े में फुर्ती से चहलकदमी करता धूसर लंगूर

लंबी पूंछ, तेज छलांग और शांत स्वभाव... पटना जू का धूसर लंगूर बना खास आकर्षण

पटना जू में मौजूद धूसर लंगूर अपनी लंबी पूंछ, काले चेहरे और फुर्तीले स्वभाव के लिए जाना जाता है. तस्वीर में वह अपने बाड़े में सक्रिय मुद्रा में दिखाई दे रहा है, मानो हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हो. यह प्रजाति समूह में रहना पसंद करती है और आपसी तालमेल के लिए प्रसिद्ध मानी जाती है. पेड़ों पर तेज गति से छलांग लगाना और ऊंचाई पर आसानी से चढ़ना इसकी विशेष पहचान है. पर्यटक इसकी चंचल हरकतों और फुर्ती को देखकर खूब आनंद लेते हैं. पटना जू में धूसर लंगूर की मौजूदगी वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का महत्वपूर्ण संदेश देती है.

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विवेक सिंह

लेखक के बारे में

By विवेक सिंह

विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 वर्षों से सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. अध्ययन के दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की, जहां उन्हें न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, टीवी समाचार निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, फील्ड रिपोर्टिग और प्रसारण प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.

पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है.

इसके साथ ही वे NGO से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं.

वर्तमान में विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.

विवेक सिंह किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. वे विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित करते हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग और लेखन में सटीकता तथा विश्वसनीयता बनी रहती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाले विवेक सिंह पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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