पटना जू हुआ स्मार्ट! अब ऐप से बुक करें टिकट, पाएं नेविगेशन और ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ जैसी सुविधाएं

पटना जू की तस्वीर
Patna Zoo App: विश्व गौरैया दिवस के मौके पर पटना जू में मोबाइल ऐप और वेबसाइट लॉन्च की गई. इस ऐप के जरिए अब पर्यटक टिकट बुकिंग, नेविगेशन, वन्यजीवों की जानकारी और ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ जैसी सुविधाओं का आसानी से लाभ उठा सकेंगे.
Patna Zoo App: विश्व गौरैया दिवस के मौके पर संजय गांधी बायोलॉजिकल पार्क में एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री डॉक्टर प्रमोद कुमार ने पटना जू के नए मोबाइल ऐप और वेबसाइट का विधिवत उद्घाटन किया. इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को स्मार्ट और आसान अनुभव उपलब्ध कराना है.
एक ऐप में पूरी सुविधा, टिकट से लेकर जानकारी तक सबकुछ
पटना जू का यह नया मोबाइल ऐप कई आधुनिक फीचर्स से लैस है. इसमें आकर्षक फ्रंटएंड के साथ ऑनलाइन टिकट बुकिंग, नेविगेशन सुविधा, वन्यजीवों और वनस्पतियों की विस्तृत जानकारी, ऑडियो हेल्प, फीडबैक सिस्टम और ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ जैसे उपयोगी विकल्प शामिल किए गए हैं. इस ऐप के जरिए अब पर्यटक घर बैठे ही टिकट बुक कर सकते हैं और जू के अंदर घूमने के दौरान किसी भी तरह की परेशानी से बच सकते हैं.
नेविगेशन फीचर से आसान होगा जू का भ्रमण
पटना जू के निदेशक डॉक्टर हेमंत पाटिल ने बताया कि यह ऐप खासतौर पर नए पर्यटकों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा. उन्होंने कहा कि पहली बार आने वाले लोग अक्सर दिशा को लेकर भ्रमित हो जाते हैं, लेकिन अब ऐप में दिए गए नेविगेशन फीचर की मदद से वे आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे और बिना भटके पूरे जू का भ्रमण कर पाएंगे.
टिकट बुकिंग के लिए आसान प्रक्रिया, QR कोड से एंट्री
ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद विजिट की तारीख और समय चुनकर भुगतान करना होगा. टिकट जनरेट होकर QR कोड के रूप में ईमेल और व्हाट्सएप पर भेज दिया जाएगा, जिससे एंट्री और भी आसान हो जाएगी.
‘लॉस्ट एंड फाउंड’ फीचर से मिलेगी तुरंत मदद
ऐप में ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ सेक्शन भी जोड़ा गया है, जो खासतौर पर परिवारों के लिए उपयोगी है. अगर किसी का बच्चा जू में खो जाता है, तो अभिभावक ऐप के जरिए बच्चे की जानकारी और फोटो अपलोड कर सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं.
गौरैया पर खास जानकारी, लाइब्रेरी में बना नया सेगमेंट
विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने बताया कि पटना जू की लाइब्रेरी में गौरैया से जुड़ा एक विशेष सेगमेंट भी तैयार किया गया है. इसके साथ ही ऐप और वेबसाइट पर भी गौरैया समेत अन्य जीव-जंतुओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई गई है.
डिजिटल पहल से बदलेगा पर्यटकों का अनुभव
पटना जू की यह डिजिटल पहल न सिर्फ पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाएगी, बल्कि वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी. अब तकनीक के सहारे जू घूमना और भी आसान, सुरक्षित और रोचक हो जाएगा.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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