बिहार के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा एक ही रंग, समाज कल्याण विभाग ने बनायी योजना

Anganwadi centers in Bihar
Patna News: बिहार में संचालित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को एक ही रंग से रंगवाने का निर्णय समाज कल्याण विभाग ने लिया है. इसके साथ ही हर केंद्र पर रंगाई के दौरान ऐसे चित्रों को बनाया जाएगा, जिसे बच्चे देखकर पढ़ सकेंगे.
प्रह्लाद कुमार/ Patna News. राज्यभर में एक लाख 14 हजार आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जहां हर केंद्र पर कम से कम 40 बच्चे प्रतिदिन पोषाहार भी लेते हैं, लेकिन अब भी इन आंगनबाड़ी केंद्रों की पहचान करने में मुश्किल होती है. इस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए समाज कल्याण विभाग ने निर्णय लिया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों का एक ही रंग होगा, ताकि दूर से उसकी पहचान हो सके. इसको लेकर विभाग की ओर से तैयारी शुरू कर दी गयी है, जल्द ही विभाग के स्तर पर घोषणा की जायेगी.
बच्चों को आकर्षित करने वाले होंगे रंग
विभाग ने निर्णय लिया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों का रंग ऐसा हो, जो बच्चों को अपनी ओर आकर्षित करे. साथ ही हर केंद्र पर रंगाई के दौरान ऐसे चित्रों को बनाया जा सके, जिसे बच्चे देखकर पढ़ सकें. जिन बच्चों को पोषाहार के साथ पढ़ाया जा रहा है, उन तस्वीरों को दीवारों पर लगाया जायेगा. रंगों का कलर कैसा रहे, इसके लिए विभाग के स्तर पर रंगों मनोचिकित्सकों से राय लेने का आदेश दिया गया है. रंगों के बदलाव पर गर्मी के बाद काम शुरू किया जायेगा.
80 हजार से अधिक भवन किराये पर हैं
विभाग के मुताबिक एक लाख 14 हजार आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं. 80 हजार से अधिक केंद्र किराये के मकान में हैं. वहीं, राज्यभर में चार हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र नये प्रस्तावित हैं. जिसे जल्द ही शुरू किया जायेगा. विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने मकान, स्कूल परिसर या किराये पर चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों का आकलन करें और कैसे सभी की पहचान कलर के आधार पर किया जा सके. इसकी रिपोर्ट गर्मी तक तैयार कर लें, ताकि गर्मी के बाद इस पर काम शुरू किया जा सके.
केंद्र , सेविका-सहायिका का नाम अनिवार्य करें
विभाग ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के मुख्य द्वार पर केंद्र, सेविका-सहायिका का नाम अनिवार्य रूप से अंकित रहे. ऐसा नहीं करने वाले केंद्र की संचालिका और हर दिन निरीक्षण करने वाली एलएस पर कार्रवाई करें. इसे सख्ती से पालन कराया जाए.
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लेखक के बारे में
By राधेश्याम कुशवाहा
राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.
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