1. home Hindi News
  2. state
  3. bihar
  4. patna
  5. patna high court ballast sand can be transported in bihar with 16 wheeler trucks ksl

Patna High Court: बिहार में 16 चक्कों के ट्रक से हो सकेगी गिट्टी-बालू की ढुलाई, सरकार की अधिसूचना निरस्त

बिहार में अब 16 चक्कों के ट्रक से गिट्टी और बालू की ढुलाई जारी रहेगी. हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना को निरस्त कर दिया है.

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
Patna High Court : जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दिया फैसला.
Patna High Court : जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दिया फैसला.
फाइल

Patna High Court : बिहार में अब 16 चक्कों के ट्रक से गिट्टी और बालू की ढुलाई जारी रहेगी. हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा बिहार में 16 चक्कों के ट्रक से गिट्टी और बालू आदि की ढुलाई पर 16 दिसंबर, 2020 को अधिसूचना जारी कर लगायी गयी रोक को हटाते हुए सरकार की निरस्त कर दिया है.

बिहार ट्रक ऑनर एसोसिएशन व अन्य ने दायर की थी जनहित याचिका

हाई कोर्ट ने सरकार द्वारा मामले में जारी किये गये अधिसूचना की वैधता को चुनौती देनेवाली लोकहित याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुए अपना आदेश पहले ही सुरक्षित रख लिया था. इसे अदालत ने सोमवार को सुनाया. मालूम हो कि यह लोकहित याचिका बिहार ट्रक ऑनर एसोसिएशन व अन्य द्वारा दायर की गयी थी.

राज्य सरकार ने 16 दिसंबर, 2020 से लगा रखी थी रोक

सभी याचिकाओं पर चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने एक साथ सुनवाई पूरी की थी. इन याचिकाओं के जरिये राज्य सरकार के उस अधिसूचना को चुनौती दी गयी है, जिसके माध्यम से बिहार सरकार ने राज्य में 16 चक्कों के ट्रक से गिट्टी और बालू आदि की ढुलाई पर 16 दिसंबर, 2020 से रोक लगा दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने आठ सप्ताह में आदेश पारित करने का दिया था निर्देश

राज्य सरकार द्वारा लगायी गयी रोक के आदेश के विरुद्ध संबंधित पक्ष ने मामले को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी उठाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तीन जनवरी, 2022 को इसे पटना हाई कोर्ट को वापस लौटाते हुए यह निर्देश दिया था कि इन याचिकाओं पर त्वरित सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट आठ सप्ताह के भीतर उचित आदेश पारित कर दे.

अदालत ने सात अप्रैल को सुनवाई कर सुरक्षित रख लिया था फैसला

इससे पहले हाई कोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुए राज्य सरकार समेत अन्य सभी संबंधित पक्षों को अपना-अपना पक्ष लिखित तौर पर अदालत के समक्ष दायर करने का निर्देश दिया था. इसके बाद चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सात अप्रैल, 2022 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें