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Patna News: नए विद्युत शवदाहगृह में Online Slot Booking, सभी घाटों पर तय शुल्क में ही करेंगे Dom Raja अंतिम संस्कार; लकड़ी के लिए देना होगा इतना शुल्क

Updated at : 15 Feb 2026 4:45 AM (IST)
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Patna News: नए विद्युत शवदाहगृह में Online Slot Booking, सभी घाटों पर तय शुल्क में ही करेंगे Dom Raja अंतिम संस्कार; लकड़ी के लिए देना होगा इतना शुल्क

Patna News: राजधानी में नवनिर्मित विद्युत शवदाहगृह में परिजन ऑनलाइन स्लॉट (Online Slot Booking) बुक कर सकेंगे. इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार की जायेगी. वहीं, नगर निगम ने बांस घाट सहित प्रमुख घाटों पर मुखाग्नि शुल्क तय करने और केवल पंजीकृत डोम राजा (Dom Raja) से ही अंतिम संस्कार कराने का फैसला लिया है. लकड़ी की दर भी निर्धारित की गई है, जिससे अवैध वसूली पर रोक लगेगी और शोकाकुल परिवारों को राहत मिलेगी.

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Patna News: राजधानी के बांस घाट पर करीब 89.40 करोड़ रुपये की लागत से राज्य का पहला आधुनिक श्मशान घाट बनकर तैयार है. पटना स्मार्ट सिटी द्वारा विकसित यह परिसर अंतिम संस्कार के साथ कला और शांति का अनूठा केंद्र बनेगा. इस नए शवदाहगृह में ऑनलाइन बुकिंग (Online Slot Booking) की सुविधा होगी. इसके लिए सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है. इससे परिजनों को लंबी कतारों और अफरातफरी से मुक्ति मिलेगी.

मालूम हो कि इलेक्ट्रिक शवदाहगृह (Electric Crematorium) पारंपरिक लकड़ी के मुकाबले 90 फीसदी कम प्रदूषण फैलाते हैं. इस पूरे परिसर के संचालन की जिम्मेदारी ईशा फाउंडेशन को सौंपी गई है. अभी दाह संस्कार की दरें तय नहीं हुई हैं. वहीं, उम्मीद है कि इसी सप्ताह इसका उद्घाटन किया जाएगा.

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एक साथ 10 शवों के अंतिम संस्कार की सुविधा

बांस घाट के इस नए परिसर में कुल 10 मशीनें लगाई गई हैं, जिससे एक साथ दस शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकेगा. इनमें चार इलेक्ट्रिक ओवन गुजरात से मंगाए गए हैं, जबकि छह वुड क्रीमेसन ओवन बिहार की ही कंपनी ने तैयार किए हैं. हालांकि, ओवन में जलाने से वुड क्रीमेसन में कम लकड़ी की खपत होती है. वहीं, शवों को सुरक्षित रखने के लिए यहां मोर्चरी फ्रीजर की भी व्यवस्था की गई है.

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चहारदीवारी को आकर्षक स्टील फ्रेम लगाये जा रहे

बांस घाट के प्रोजेक्ट का मुख्य आकर्षण 12 फुट ऊंची महादेव की प्रतिमा है, जिसे एफआरपी मॉडल से तैयार किया गया है. 15 फीट ऊंचे त्रिशूल के साथ स्थापित इस प्रतिमा में शिव की जटाओं से गंगा निकलती दिखाई देंगी. जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) से गुजरने वाले लोग इस भव्य कलाकृति के दर्शन कर सकेंगे. हालांकि, जलते शव खुले में दिखायी नहीं देगी. इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है. परिसर की दीवारों पर त्रिशूल छपे आकार में आकर्षक स्टील फ्रेम लगाए गए हैं, ताकि सड़क से गुजरने वालों को जलते हुए शव दिखाई न दें.

दो तालाब सहित मोक्ष व बैकुंठ द्वार तैयार

परिसर में दो विशेष तालाब बनाए गए हैं, जिनमें दो किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए सीधे गंगा का जल लाया गया है. एक तालाब अस्थि विसर्जन के लिए आरक्षित होगा, जबकि दूसरा स्नान के लिए. इसके अलावा, घाट की दीवारों पर विशेष पेंटिंग के जरिए इंसान के जन्म से लेकर मृत्यु तक की जीवन यात्रा और कर्मों के आधार पर स्वर्ग-नरक के मार्ग को बेहद खूबसूरती से उकेरा गया है. प्रवेश के लिए बैकुंठ और मोक्ष नाम के दो विशाल द्वार बनाए गए हैं.

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प्रभात नॉलेज: इलेक्ट्रिक शवदाह के बाद बची राख से हीरा बनाता है. दरअसल, इंसान के शरीर में कार्बन होता है और हीरा भी कार्बन का ही एक शुद्ध रूप है. लैब में वैज्ञानिक राख से इस कार्बन को अलग करते हैं और फिर मशीनों के जरिए उस पर बहुत भारी दबाव और अत्यधिक गर्मी डालते हैं. यह बिल्कुल वैसी ही प्रक्रिया है जैसी धरती के अंदर प्राकृतिक हीरा बनने में हजारों साल लेती है, लेकिन लैब में इसे कुछ हफ्तों या महीनों में ही तैयार कर लिया जाता है. इस तरह बने हीरे को मेमोरियल डायमंड कहते हैं, जिसे लोग अपने प्रियजनों की याद में अंगूठी या पेंडेंट के रूप में पहनते हैं.

निगम तय करेगा मुखाग्नि शुल्क और लकड़ी की दर

श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के नाम पर होने वाली अवैध वसूली और परिजनों की परेशानी को देखते हुए पटना नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है. अब बांस घाट, गुलबी घाट और दीघा घाट जैसे प्रमुख मुक्तिधामों पर मुखाग्नि का शुल्क निर्धारित किया जाएगा. साथ ही, दाह संस्कार के लिए लकड़ी भी वन विभाग के माध्यम से न्यूनतम दर पर उपलब्ध करायीजायेगी. मृतक के परिजनों को लकड़ी के लिए मात्र 1000 रुपये देने होंगे, जबकि शेष राशि का वहन खुद पटना नगर निगम करेगा. इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी.

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श्मशान घाटों पर निगम से पंजीकृत होंगे डोम राजा

श्मशान घाटों पर अंत्येष्टि प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए केवल निगम से पंजीकृत डोम राजा (Dom Raja) ही मौजूद रहेंगे. वर्तमान में मुखाग्नि के नाम पर परिजनों से एक हजार से लेकर 10 हजार रुपये तक की मनमानी वसूली की शिकायतें मिलती रही हैं. नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि श्मशान घाटों पर निगम से पंजीकृत डोम राजा ही रहेंगे. शोकाकुल परिजनों को इस मानसिक और आर्थिक दबाव से बचाने के लिए निगम अब वाराणसी और अन्य राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर एक निश्चित दर तय करेगा.

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इन घाटों पर लागू होगी व्यवस्था: यह नयी व्यवस्था दीघा घाट, बांस घाट, गुलबी घाट, खांजेकला घाट, नंदगोला घाट और बागजाफर खां घाट पर लागू की जाएगी. इस पहल से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि अंतिम विदाई की प्रक्रिया भी अधिक सम्मानजनक और सुगम हो सकेगी.

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हिमांशु देव

लेखक के बारे में

By हिमांशु देव

सितंबर 2023 से पटना में प्रभात खबर से जुड़कर प्रिंट और डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. कला, साहित्य-संस्कृति, नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़ी खबरों पर प्रमुखता से काम किया है. महिला, युवा और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना प्राथमिकता में शामिल है. व्यक्तिगत तौर पर किताबें पढ़ना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है.

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